अल-इन्फितार · 2/19
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-इन्फितार
وَإِذَا الْكَوَاكِبُ انتَثَرَتْ ۝٢
Wa izal kawaakibun tasarat
📖 हिंदी अर्थ
और जब तारे झड़ पड़ेंगे

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الْكَوَاكِبُ: तारे, सितारे
  • انْتَثَرَتْ: बिखर गए, गिर पड़े, अपने स्थानों से टूटकर गिरना

तफ़सीर:

जब क़ियामत का दिन आएगा, तो यह खूबसूरत और व्यवस्थित ब्रह्मांड, जिसे अल्लाह ने अत्यंत सूझ-बूझ और संतुलन के साथ बनाया है, पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो जाएगा। आसमान फट जाएगा, उसका निज़ाम बिगड़ जाएगा, और ये चमकते हुए तारे, जो रात की शोभा बढ़ाते हैं और यात्रियों का मार्गदर्शन करते हैं, अपने स्थानों से उखड़कर बिखर जाएंगे और गिर पड़ेंगे। यह दृश्य उस महान घटना की शुरुआत होगी जब सारी सृष्टि अपने रचनाकार के सामने उपस्थित होगी।

यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहने वाली। जिस तरह तारे अपनी जगह से गिर जाते हैं, उसी तरह यह पूरा संसार एक दिन खत्म हो जाएगा। यह हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है कि हम इस फानी दुनिया की चमक-दमक में खोकर अपने असली मक़सद को न भूलें। हमें उस दिन के लिए तैयारी करनी चाहिए जब हर इंसान अपने अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब देगा।

अल्लाह ने इस आयत में ब्रह्मांड के बिखरने का जो वर्णन किया है, वह हमें उसकी क़ुदरत और अधिकार को समझाता है। जिस अल्लाह ने इन तारों को पैदा किया और उन्हें अपनी जगह पर स्थिर रखा, वही उन्हें बिखेरने पर भी पूरी तरह क़ादिर है। यह हमारे लिए एक चेतावनी भी है और एक रहमत भी — चेतावनी इसलिए कि हम ग़ाफ़िल न हों, और रहमत इसलिए कि हमें मौक़ा मिला है कि हम अपने रब की इबादत करें और उसकी रहमत कमाएँ।

इस आयत पर ईमान लाने वाले का दिल काँप उठता है, क्योंकि वह जानता है कि यह घटना ज़रूर आने वाली है। लेकिन साथ ही उसे यह भी यक़ीन है कि जो लोग अल्लाह पर ईमान लाए और अच्छे कर्म किए, उनके लिए उस दिन खुशी और सफलता है। आओ, हम इस दिन की तैयारी करें, अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें, और उस दिन की मुश्किलों से बचने के लिए उसकी रहमत के तलबगार बनें।



📜 आयत 1-4 — सूरा अल-इन्फितार

1إِذَا السَّمَاءُ انفَطَرَتْ
जब आसमान तर्ख़ जाएगा
2وَإِذَا الْكَوَاكِبُ انتَثَرَتْ
और जब तारे झड़ पड़ेंगे
3وَإِذَا الْبِحَارُ فُجِّرَتْ
और जब दरिया बह (कर एक दूसरे से मिल) जाएँगे
4وَإِذَا الْقُبُورُ بُعْثِرَتْ
और जब कब्रें उखाड़ दी जाएँगी
अल-इन्फितारकुरान सूची
19आयत
मक्कीRevelation
2आयत

अनुवाद — अल-इन्फितार 2

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Monday, September 7, 2026

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