अल-इन्फितार · 3/19
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-इन्फितार
وَإِذَا الْبِحَارُ فُجِّرَتْ ۝٣
Wa izal bihaaru fujjirat
📖 हिंदी अर्थ
और जब दरिया बह (कर एक दूसरे से मिल) जाएँगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الْبِحَارُ: समुद्र (बहुवचन)
  • فُجِّرَتْ: फोड़ दिए जाएँगे, एक-दूसरे में मिला दिए जाएँगे, यानी उनके बीच की दीवारें तोड़ दी जाएँगी।

तफ़सीर:

जब क़ियामत का दिन आएगा, तो अल्लाह तआला अपनी क़ुदरत से समुद्रों को फोड़ देगा, यानी उनके बीच की रुकावटें खत्म कर दी जाएँगी। मीठे और खारे सारे समुद्र आपस में मिल जाएँगे और एक विशाल समुद्र बन जाएँगे। यह उस दिन की महान घटनाओं में से एक होगी, जब अल्लाह की क़ुदरत के सामने हर चीज़ बेबस हो जाएगी।

यह घटना उस भयानक दिन की निशानी है जब यह दुनिया अपनी पूरी व्यवस्था खो देगी। जिस तरह आज समुद्र अपनी हदों में क़ैद हैं और उनमें अल्लाह की तरफ से एक निज़ाम क़ायम है, उस दिन यह सब तोड़ दिया जाएगा। यह इस बात का सबूत है कि अल्लाह तआला हर चीज़ पर क़ादिर है, और जिस दिन वह चाहेगा, यह पूरी कायनात बदल दी जाएगी।

इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि यह दुनिया हमेशा नहीं रहेगी। जिस अल्लाह ने समुद्रों को अपनी जगह पर रोक रखा है, वही उन्हें एक दिन फोड़कर उन्हें आपस में मिला देगा। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी को इस तरह गुज़ारना चाहिए कि उस दिन हम अल्लाह की रहमत के हक़दार बनें। यह आयत हमें डराती भी है और सोचने पर मजबूर करती है कि हम उस दिन के लिए क्या तैयारी कर रहे हैं। जो लोग अल्लाह की इबादत करते हैं और उसके हुक्मों पर चलते हैं, उनके लिए उस दिन खुशखबरी है, और जो ग़ाफ़िल हैं, उन्हें चाहिए कि वे आज ही अपने रब की तरफ लौट आएँ।



📜 आयत 1-5 — सूरा अल-इन्फितार

1إِذَا السَّمَاءُ انفَطَرَتْ
जब आसमान तर्ख़ जाएगा
2وَإِذَا الْكَوَاكِبُ انتَثَرَتْ
और जब तारे झड़ पड़ेंगे
3وَإِذَا الْبِحَارُ فُجِّرَتْ
और जब दरिया बह (कर एक दूसरे से मिल) जाएँगे
4وَإِذَا الْقُبُورُ بُعْثِرَتْ
और जब कब्रें उखाड़ दी जाएँगी
5عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّا قَدَّمَتْ وَأَخَّرَتْ
तब हर शख़्श को मालूम हो जाएगा कि उसने आगे क्या भेजा था और पीछे क्या छोड़ा था
अल-इन्फितारकुरान सूची
19आयत
मक्कीअवतरण स्थान
3आयत

अनुवाद — अल-इन्फितार 3

सूरा अल-इन्फितार आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब दरिया बह (कर एक दूसरे से मिल) जाएँगे

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Wednesday, September 30, 2026

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