अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- بُعْثِرَتْ: इसका अर्थ है क़ब्रों को उखाड़ना, उनकी मिट्टी को पलटना और उनमें दफ़नाए गए लोगों को बाहर निकालना। यह क़यामत के दिन का एक भयावह और महान दृश्य है।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़यामत का दिन आएगा, तो अल्लाह तआला आदेश देंगे कि क़ब्रों को उखाड़ दिया जाए, उनकी मिट्टी को पलट दिया जाए, और उनमें दफ़नाए गए सभी लोगों को — चाहे वे कितने भी पुराने क्यों न हों — ज़िंदा करके बाहर निकाला जाए। यह वह समय होगा जब सभी इंसान अपने रब के सामने हाज़िर होंगे। यह दृश्य हमें याद दिलाता है कि मौत अंत नहीं है, बल्कि एक नई ज़िंदगी की शुरुआत है। जो लोग इस दुनिया में अल्लाह की इबादत करते थे और नेक काम करते थे, उनके लिए यह दिन खुशी और कामयाबी का होगा। लेकिन जिन्होंने अल्लाह की नाफ़रमानी की और गुनाहों में डूबे रहे, उनके लिए यह दिन बहुत कठिन और पछतावे का होगा।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सीधा सबक देती है कि हम इस दुनिया की ज़िंदगी को ही सब कुछ न समझ लें। क़ब्रें खाली होने वाली हैं, और हम सबको एक दिन उठना है। इसलिए आज ही अपनी ज़िंदगी को सुधार लें, अल्लाह की इबादत को अपनी आदत बना लें, और अपने गुनाहों से तौबा कर लें। यह दिन इतना भयानक होगा कि हर इंसान सिर्फ अपनी फ़िक्र में होगा। अल्लाह तआला हमें उस दिन की तैयारी करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 2-6 — अल-इन्फितार
अनुवाद — अल-इन्फितार 4
सूरा अल-इन्फितार आयत 4 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब कब्रें उखाड़ दी जाएँगीसूरा आयत 4/19 — अल-इन्फितार الإنفطار (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इन्फितार सुनें, अल-इन्फितार अनुवाद, अल-इन्फितार mp3, अल-इन्फितार pdf. आयत 2–6. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








