अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَمَارِقُ (नमारिक़ु): तकिये, गद्दे (बहुवचन)।
- مَصْفُوفَةٌ (मस्फ़ूफ़तुन): एक के बाद एक पंक्तिबद्ध, कतार में लगे हुए।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में जन्नत की उन नेमतों का वर्णन कर रहे हैं जो उन मोमिनों के लिए तैयार की गई हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की और उसकी राह में भलाई के काम किए। यहाँ बताया जा रहा है कि जन्नत में नरम और आरामदायक तकिये होंगे जो बड़ी खूबसूरती से एक के बगल में दूसरा, पंक्तिबद्ध करके रखे गए होंगे। यह तकिये इतने नरम और आलीशान होंगे कि जन्नती उन पर टेक लगाकर आराम करेंगे, और उनकी यह व्यवस्था दिखाती है कि जन्नत में हर चीज़ में तरतीब, सुंदरता और सुकून होगा।
यह आयत हमें बताती है कि जन्नत सिर्फ़ खाने-पीने की चीज़ों का ठिकाना नहीं, बल्कि वहाँ हर तरह का आराम और सुकून मौजूद है। जिस तरह दुनिया में एक मेहमान के लिए सबसे अच्छी जगह और सबसे आरामदायक तकिये का इंतज़ाम किया जाता है, उसी तरह अल्लाह ने अपने नेक बंदों के लिए जन्नत में हर चीज़ का बेहतरीन इंतज़ाम किया है।
दावती पहलू:
यह आयत मोमिनों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है कि उनकी मेहनत और इबादत का फल उन्हें जन्नत में ऐसी नेमतों की शक्ल में मिलेगा जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। जब हम जानते हैं कि हमारे रब ने हमारे लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ हर चीज़ में सुकून और आराम है, तो हमारा दिल खुशी से भर जाता है और हमें चाहिए कि हम दुनिया की इस छोटी सी ज़िंदगी में अल्लाह की राह में भलाई के काम करें, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से हों जो इन तकियों पर टेक लगाकर हमेशा के लिए आराम करें। यह हमारे लिए सबसे बड़ी कामयाबी है कि हम अपने रब की रज़ा के लिए काम करें और उसकी जन्नत के हक़दार बनें।
📜 आयत 13-17 — अल-ग़ाशिया
अनुवाद — अल-ग़ाशिया 15
सूरा अल-ग़ाशिया आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और गाँव तकिए क़तार की क़तार लगे होंगेसूरा आयत 15/26 — अल-ग़ाशिया الغاشية (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-ग़ाशिया सुनें, अल-ग़ाशिया अनुवाद, अल-ग़ाशिया mp3, अल-ग़ाशिया pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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