अल-ग़ाशिया · 14/26
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-ग़ाशिया
وَأَكْوَابٌ مَّوْضُوعَةٌ ۝١٤
Wa akwaabum mawdoo `ah
📖 हिंदी अर्थ
और (उनके किनारे) गिलास रखे होंगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • अक्वाब (أَكْوَاب): 'कूब' का बहुवचन है, जिसका अर्थ है बिना हैंडल वाला बर्तन या प्याला, जिसमें पेय पदार्थ परोसे जाते हैं।
  • मौज़ू'अह (مَّوْضُوعَة): रखे हुए, तैयार किए हुए, यानी पीने वालों के लिए सामने रखे गए।

तफ़सीर:

अल्लाह तआला इस आयत में जन्नत की उन नेमतों का वर्णन कर रहे हैं जो उन मोमिनों के लिए तैयार की गई हैं जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की और उसकी राह में नेक काम किए। जन्नत के इस वर्णन में अल्लाह फ़रमाता है कि वहाँ प्याले रखे हुए हैं, यानी पीने के लिए साफ-सुथरे, खूबसूरत और भरे हुए बर्तन पीने वालों के सामने मौजूद हैं, जिन्हें उठाने की ज़रूरत भी नहीं, बल्कि वे तैयार रखे गए हैं।

यह जन्नत की उस आरामदेह और खुशहाल ज़िंदगी की तस्वीर है जहाँ हर चीज़ इंसान की ख्वाहिश के मुताबिक मौजूद है। जन्नत में न तो कोई थकान होगी, न कोई परेशानी, और न ही कोई बुरी बात सुनने को मिलेगी। वहाँ के प्याले ऐसे होंगे जिनमें ऐसी शराब होगी जो दुनिया की शराबों की तरह नुकसानदेह नहीं, बल्कि पूरी तरह पाक और लज़्ज़तदार होगी, जिससे सिर दर्द न होगा और न ही अक्ल पर बुरा असर पड़ेगा।

यह अल्लाह का वो इनाम है जो उसने अपने नेक बंदों के लिए तैयार किया है। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उनके लिए यह खुशखबरी है कि उनकी मेहनत और अच्छे काम बेकार नहीं जाएंगे। अल्लाह ने उनके लिए ऐसी जगह तैयार की है जहाँ हर तरह की खुशी और आराम मौजूद है।

याद रखिए, यह दुनिया की ज़िंदगी आज़माइश की जगह है, और जन्नत उन लोगों का इनाम है जो इस आज़माइश में कामयाब होते हैं। अल्लाह ने अपने रहमत से हमें यह खबर दी है ताकि हम उसकी राह में मेहनत करें और उसकी नेमतों की तरफ रग़बत रखें। यह वादा सच्चा है, और अल्लाह अपने वादे के खिलाफ कभी नहीं करता।



📜 आयत 12-16 — सूरा अल-ग़ाशिया

12فِيهَا عَيْنٌ جَارِيَةٌ
उसमें चश्में जारी होंगें
13فِيهَا سُرُرٌ مَّرْفُوعَةٌ
उसमें ऊँचे ऊँचे तख्त बिछे होंगे
14وَأَكْوَابٌ مَّوْضُوعَةٌ
और (उनके किनारे) गिलास रखे होंगे
15وَنَمَارِقُ مَصْفُوفَةٌ
और गाँव तकिए क़तार की क़तार लगे होंगे
16وَزَرَابِيُّ مَبْثُوثَةٌ
और नफ़ीस मसनदे बिछी हुई
अल-ग़ाशियाकुरान सूची
26आयत
मक्कीअवतरण स्थान
14आयत

अनुवाद — अल-ग़ाशिया 14

सूरा अल-ग़ाशिया आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उनके किनारे) गिलास रखे होंगे

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Sunday, October 4, 2026

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