अश-शरह · 1/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शरह
أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ ۝١
Alam nashrah laka sadrak
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • نَشْرَحْ (हम खोल दें): विस्तृत करना, खोल देना, फैला देना।
  • صَدْرَكَ (तुम्हारा सीना): यहाँ इससे आशय दिल और दिमाग़ है, यानी समझने और ग्रहण करने की शक्ति।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! क्या हमने तुम्हारे सीने को खोलकर विस्तृत नहीं कर दिया? यानी हमने तुम्हारे दिल को ईमान, हिकमत (बुद्धि) और इल्म (ज्ञान) से भर दिया, और उसे इस क़ाबिल बना दिया कि वह वही (प्रकाशना) को ग्रहण कर सके। हमने तुम्हारे सीने को दीन की शरीअत (धार्मिक क़ानून), अल्लाह की ओर बुलाने और अच्छे अख़लाक़ (चरित्र) अपनाने के लिए कुशादा (खुला) कर दिया। यह एक बड़ी नेमत (कृपा) है जो अल्लाह ने अपने नबी को अता की, ताकि वह दीन का पैग़ाम पूरी तरह से क़ुबूल कर सकें और उसे अमली जीवन में ढाल सकें। यह सीने का खुलना सिर्फ़ ज़ाहिरी नहीं था, बल्कि एक रूहानी (आध्यात्मिक) नेमत थी, जिससे नबी का दिल हर भलाई के लिए तैयार हो गया और हर मुश्किल को आसानी से बर्दाश्त करने की ताक़त पाई।

दावती पहलू (प्रेरक पक्ष):

यह आयत हमें सिखाती है कि जब अल्लाह किसी बंदे को कोई ज़िम्मेदारी देता है, तो वह उसके सीने को भी खोल देता है और उसे हिम्मत व सब्र अता करता है। इसलिए हमें भी चाहिए कि हम अल्लाह से दुआ करें कि वह हमारे सीने खोल दे, हमारे दिलों को ईमान की रोशनी से मुनव्वर करे, और हमें अपने दीन को समझने और उस पर अमल करने की तौफ़ीक़ दे। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह अपने नबी पर कितनी बड़ी मेहरबानी करता है, और हमें उसकी इस मेहरबानी पर शुक्र अदा करना चाहिए और उसके बताए रास्ते पर चलना चाहिए। जब दिल कुशादा होता है, तो इबादत में लज़्ज़त आती है, अच्छे कामों में दिल लगता है, और मुश्किलें आसान लगने लगती हैं। यही असली कामयाबी है।



📜 आयत 1-3 — सूरा अश-शरह

1أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ
(ऐ रसूल) क्या हमने तुम्हारा सीना इल्म से कुशादा नहीं कर दिया (जरूर किया)
2وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ
और तुम पर से वह बोझ उतार दिया
3الَّذِي أَنقَضَ ظَهْرَكَ
जिसने तुम्हारी कमर तोड़ रखी थी
अश-शरहकुरान सूची
8आयत
मक्कीअवतरण स्थान
1आयत

अनुवाद — अश-शरह 1

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Thursday, October 1, 2026

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