अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- वज़र (वज़्रक): बोझ, भारी बोझ। यहाँ इसका अर्थ है पापों का बोझ या वह कठिनाई जो मन पर भारी हो।
तफ़सीर:
ऐ नबी! हमने आप पर से वह भारी बोझ उतार दिया जो आपकी पीठ पर लदा हुआ था। यह बोझ उस दौर के अंधकार, अज्ञानता और कठिनाइयों का था, जब पूरी दुनिया शिर्क और बुराई में डूबी हुई थी। हमने आपको इस बोझ से मुक्त कर दिया और आपके पिछले सारे कष्टों और कमियों को क्षमा कर दिया। यह अल्लाह की अपार रहमत है कि उसने अपने प्यारे नबी को हर उस चीज़ से पाक कर दिया जो उनके मिशन में रुकावट बन सकती थी।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह अपने बंदों पर कितना दयालु है। जब कोई बंदा सच्चे दिल से अल्लाह की ओर मुड़ता है और उसके रास्ते में मेहनत करता है, तो अल्लाह उसके बोझ हल्के कर देता है। यही नहीं, अल्लाह उसके पिछले गुनाहों को भी माफ कर देता है और उसे नई ज़िंदगी देता है। इस आयत में नबी ﷺ के ज़रिए हम सबको यह पैग़ाम दिया गया है कि अल्लाह की रहमत से निराश न हों, क्योंकि वह हर बोझ उतारने की ताकत रखता है।
यह भी याद रखें कि जब अल्लाह किसी को उठाता है, तो उसके सारे दुख-दर्द, चिंताएँ और पापों का भारी बोझ हल्का कर देता है। यही अल्लाह का वादा है—जो उस पर भरोसा करे, उसे वह कभी अकेला नहीं छोड़ता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने गुनाहों पर पछताएँ, अल्लाह से माफ़ी माँगें और उसके रास्ते पर चलें, ताकि हम भी उस राहत और सुकून को पा सकें जो अल्लाह अपने नेक बंदों को देता है।
📜 आयत 1-4 — अश-शरह
अनुवाद — अश-शरह 2
सूरा अश-शरह आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और तुम पर से वह बोझ उतार दियासूरा आयत 2/8 — अश-शरह الشرح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शरह सुनें, अश-शरह अनुवाद, अश-शरह mp3, अश-शरह pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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