अश-शरह · 7/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शरह
فَإِذَا فَرَغْتَ فَانصَبْ ۝٧
Fa iza faragh ta fansab
📖 हिंदी अर्थ
तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
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A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَرَغْتَ (फ़रग़्त): तुम खाली हो जाओ, किसी काम से फ़ारिग़ हो जाओ।
  • فَانصَبْ (फ़ान्सब): परिश्रम करो, मेहनत करो, जुट जाओ।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब तुम दुनिया के कामों और अपने दैनिक कार्यों से फ़ारिग़ हो जाओ, और तुम्हारे पास खाली समय हो, तो उस समय को आलस्य और बेकारी में न बिताओ, बल्कि उठो और इबादत (उपासना) में मेहनत और परिश्रम करो। यानी जब तुम नमाज़, ज़िक्र या किसी अच्छे काम से फ़ारिग़ हो, तो दूसरे अच्छे काम की ओर बढ़ो, और जब उससे फ़ारिग़ हो तो किसी और नेक काम में लग जाओ। अपने रब की इबादत में जुट जाओ, और उसी से माँगो, उसी से उम्मीद रखो, और उसी की तरफ़ रग़बत (झुकाव) रखो।

यह आयत हमें सिखाती है कि मोमिन (ईमानवाला) कभी सुस्त और बेकार नहीं बैठता। उसकी ज़िंदगी का हर लम्हा काम और इबादत में गुज़रता है। जब दुनिया के कामों से फ़ुर्सत मिले, तो वह आराम और मौज-मस्ती में नहीं डूबता, बल्कि अपने रब की तरफ़ रुख करता है और उसकी इबादत में मेहनत करता है। यही सच्ची कामयाबी का रास्ता है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि हमारी ज़िंदगी का मक़सद सिर्फ़ खाना, पीना और दुनिया के काम नहीं है, बल्कि हमें अपने रब की इबादत के लिए भी वक़्त निकालना है। जब हम काम से फ़ारिग़ हों, तो नमाज़, क़ुरआन की तिलावत, ज़िक्र और दूसरी नेकियों में लगें। यही वह चीज़ है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाब बनाती है। अल्लाह तआला ने हमें जो वक़्त दिया है, उसे हमें अच्छे कामों में लगाना चाहिए। जो शख्स अपने वक़्त की क़द्र करता है और उसे नेक कामों में बिताता है, अल्लाह उससे मुहब्बत करता है और उसे बरकत देता है। तो आइए, हम अपने खाली वक़्त को इबादत और नेक कामों में लगाएँ, और अपने रब की तरफ़ रग़बत रखें। यही हमारी सच्ची ख़ुशी और कामयाबी की कुंजी है।



📜 आयत 5-8 — सूरा अश-शरह

5فَإِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
तो (हाँ) पस बेशक दुशवारी के साथ ही आसानी है
6إِنَّ مَعَ الْعُسْرِ يُسْرًا
यक़ीनन दुश्वारी के साथ आसानी है
7فَإِذَا فَرَغْتَ فَانصَبْ
तो जब तुम फारिग़ हो जाओ तो मुक़र्रर कर दो
8وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَارْغَب
और फिर अपने परवरदिगार की तरफ रग़बत करो
अश-शरहकुरान सूची
8आयत
मक्कीअवतरण स्थान
7आयत

अनुवाद — अश-शरह 7

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सूरा आयत 7/8 — सूरा अश-शरह الشرح (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शरह सुनें, सूरा अश-शरह अनुवाद, सूरा अश-शरह mp3, सूरा अश-शरह pdf. आयत 5–8. हिंदी अर्थ: اردو.





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Wednesday, September 30, 2026

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