अल-बय्यिना · 8/8
अनुवाद उच्चारण — अल-बय्यिना
جَزَاؤُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْ جَنَّاتُ عَدْنٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ خَالِدِينَ فِيهَا أَبَدًا ۖ رَّضِيَ اللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا عَنْهُ ۚ ذَٰلِكَ لِمَنْ خَشِيَ رَبَّهُ ۝٨
Jazaa-uhum inda rabbihim jan naatu `adnin tajree min tahtihal an haaru khalideena feeha abada; radiy-yallaahu `anhum wa ra du `an zaalika liman khashiya rabbah
📖 हिंदी अर्थ
उनकी जज़ा उनके परवरदिगार के यहाँ हमेशा रहने (सहने) के बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें जारी हैं और वह आबादुल आबाद हमेशा उसी में रहेंगे ख़ुदा उनसे राज़ी और वह ख़ुदा से ख़ुश ये (जज़ा) ख़ास उस शख़्श की है जो अपने परवरदिगार से डरे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • جَنَّاتُ عَدْنٍ: स्थायी निवास के बगीचे, जहाँ हमेशा रहना हो।
  • تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ: उनके महलों और पेड़ों के नीचे से नदियाँ बहती हैं।
  • خَالِدِينَ فِيهَا أَبَدًا: उनमें हमेशा के लिए रहने वाले, कभी न खत्म होने वाला जीवन।
  • رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمْ: अल्लाह ने उनसे प्रसन्नता व्यक्त की, यानी उनके अच्छे कर्मों को कबूल किया।
  • خَشِيَ رَبَّهُ: अपने रब से डरा, उसके आदेशों का पालन किया और उसकी मनाही से बचा।

तफसीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने उन पवित्र लोगों के लिए, जो ईमान लाए और अच्छे कर्म करते रहे, उनका इनाम अपने पास उस दिन के लिए तैयार किया है, जो दिन उनकी मुलाकात का होगा। उनका इनाम "जन्नतुल अदन" है — यानी स्थायी निवास के बगीचे, जो अपनी खूबसूरती और आराम में बेमिसाल हैं। उन बगीचों के नीचे से नदियाँ बहती हैं, और वे लोग उनमें हमेशा के लिए रहेंगे — कोई अंत नहीं, कोई मौत नहीं, कोई दर्द नहीं।

सबसे बड़ी खुशी और सबसे ऊँचा सम्मान यह है कि अल्लाह तआला उनसे राज़ी हो गया — उसने उनके अच्छे कर्मों को कबूल किया और उन्हें अपनी रहमत से नवाज़ा। और वे लोग भी अपने रब से राज़ी हैं, क्योंकि उन्होंने उसकी तरफ से मिलने वाली असीम दया और सम्मान को देख लिया। यह आपसी राज़ी-खुशी उस मुकाम की सबसे बड़ी नेमत है, जिसके बारे में सोचना भी मुश्किल है।

यह सब कुछ — यह जन्नत, यह खुशी, यह राज़ी-खुशी — उन लोगों के लिए है जो अपने रब से डरते हैं। यानी जो उसकी इबादत में सच्चे हैं, उसके आदेशों का पालन करते हैं, और उसकी मनाही से बचते हैं। यह डर उन्हें गुनाहों से रोकता है और अच्छे कामों की तरफ ले जाता है।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का इनाम कितना बड़ा है, और उसकी रहमत कितनी वसीअ है। जो लोग उससे डरते हैं और उसकी राह पर चलते हैं, उनके लिए वहाँ सब कुछ तैयार है जो दिल चाहे और आँखें देखना चाहें। आइए, हम भी अपने रब से डरना सीखें, उसकी इबादत में मज़बूत हों, और उसकी मोहब्बत को अपने दिलों में बसाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें उस सच्ची खुशी और हमेशा की ज़िंदगी तक पहुँचाएगा। अल्लाह हम सबको यह तौफ़ीक़ दे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 6-8 — अल-बय्यिना

6إِنَّ الَّذِينَ كَفَرُوا مِنْ أَهْلِ الْكِتَابِ وَالْمُشْرِكِينَ فِي نَارِ جَهَنَّمَ خَالِدِينَ فِيهَا ۚ أُولَٰئِكَ هُمْ شَرُّ الْبَرِيَّةِ
बेशक अहले किताब और मुशरेकीन से जो लोग (अब तक) काफ़िर हैं वह दोज़ख़ की आग में (होंगे) हमेशा उसी में रहेंगे यही लोग बदतरीन ख़लाएक़ हैं
7إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ أُولَٰئِكَ هُمْ خَيْرُ الْبَرِيَّةِ
बेशक जो लोग ईमान लाए और अच्छे काम करते रहे यही लोग बेहतरीन ख़लाएक़ हैं
8جَزَاؤُهُمْ عِندَ رَبِّهِمْ جَنَّاتُ عَدْنٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ خَالِدِينَ فِيهَا أَبَدًا ۖ رَّضِيَ اللَّهُ عَنْهُمْ وَرَضُوا عَنْهُ ۚ ذَٰلِكَ لِمَنْ خَشِيَ رَبَّهُ
उनकी जज़ा उनके परवरदिगार के यहाँ हमेशा रहने (सहने) के बाग़ हैं जिनके नीचे नहरें जारी हैं और वह आबादुल आबाद हमेशा उसी में रहेंगे ख़ुदा उनसे राज़ी और वह ख़ुदा से ख़ुश ये (जज़ा) ख़ास उस शख़्श की है जो अपने परवरदिगार से डरे
अल-बय्यिनाकुरान सूची
8आयत
मदनीRevelation
8आयत

अनुवाद — अल-बय्यिना 8

सूरा अल-बय्यिना आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उनकी जज़ा उनके परवरदिगार के यहाँ हमेशा रहने (सहने) के…

सूरा आयत 8/8 — अल-बय्यिना البينة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बय्यिना सुनें, अल-बय्यिना अनुवाद, अल-बय्यिना mp3, अल-बय्यिना pdf. आयत 6–8. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए