यूनुस · 2/109
अनुवाद उच्चारण — यूनुस
أَكَانَ لِلنَّاسِ عَجَبًا أَنْ أَوْحَيْنَا إِلَىٰ رَجُلٍ مِّنْهُمْ أَنْ أَنذِرِ النَّاسَ وَبَشِّرِ الَّذِينَ آمَنُوا أَنَّ لَهُمْ قَدَمَ صِدْقٍ عِندَ رَبِّهِمْ ۗ قَالَ الْكَافِرُونَ إِنَّ هَٰذَا لَسَاحِرٌ مُّبِينٌ ۝٢
A kaana linnaasi `aaban an awhainaaa ilaa rajulim minhum an anzirin naasa wa bashshiril lazeena aamanoo anna lahum qadama sidqin `inda Rabbihim; qaalal kaafiroona inna haaza lasaahirum mubeen
📖 हिंदी अर्थ
क्या लोगों को इस बात से बड़ा ताज्जुब हुआ कि हमने उन्हीं लोगों में से एक आदमी के पास वही भेजी कि (बे ईमान) लोगों को डराओ और ईमानदारो को इसकी ख़ुश ख़बरी सुना दो कि उनके लिए उनके परवरदिगार की बारगाह में बुलन्द दर्जे है (मगर) कुफ्फार (उन आयतों को सुनकर) कहने लगे कि ये (शख्स तो यक़ीनन सरीही जादूगर) है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • قَدَمَ صِدْقٍ (क़दम सिद्क़): सच्चा और पुण्यमय कर्म, जिसे इंसान अपने लिए आगे भेजता है। अर्थात् वह अच्छा काम जो इंसान अपनी मुक्ति और उच्च पद के लिए पहले से कर ले।
  • سَاحِرٌ مُبِين (साहिरुन मुबीन): स्पष्ट और प्रत्यक्ष जादूगर। यानी ऐसा जादूगर जिसका जादू साफ़ दिखाई देता हो।

तफ़सीर (व्याख्या):

क्या लोगों को इस बात पर आश्चर्य हुआ कि हमने उन्हीं में से एक इंसान (मुहम्मद ﷺ) पर अपना वह्य (प्रकाशना) उतारा? यह कोई अजीब बात नहीं है, क्योंकि अल्लाह ने हमेशा अपने रसूल इंसानों में से ही चुने हैं। इस वह्य में उन्हें आदेश दिया गया कि वे लोगों को अल्लाह के अज़ाब (दंड) से डराएँ और जो लोग ईमान लाएँ और नेक कर्म करें, उन्हें खुशखबरी सुनाएँ कि उनके लिए उनके रब के पास सच्चा और उच्च स्थान है, जो उनके पहले किए गए अच्छे कर्मों का फल होगा।

जब रसूल ﷺ ने यह संदेश सुनाया, तो काफ़िरों ने इसे स्वीकार करने के बजाय कहा: "यह व्यक्ति तो स्पष्ट जादूगर है, और जो कुछ वह लेकर आया है वह जादू है जो साफ़ तौर पर झूठ और बातिल है।" उन्होंने सच्चाई को नकारने के लिए यह आरोप लगाया, जबकि यह संदेश सबसे स्पष्ट और सच्चा था।

फ़ायदे (लाभ और सबक):

  1. अल्लाह का रसूल चुनना उसकी रहमत और हिकमत (बुद्धिमत्ता) का प्रमाण है। रसूल का इंसान होना ही लोगों के लिए रहमत है, ताकि वे उनसे सीख सकें और उनका अनुसरण कर सकें, क्योंकि इंसान ही इंसान की भाषा और हालात को समझ सकता है।
  2. ईमान और नेक कर्मों का परिणाम अल्लाह के पास उच्च पद और सच्चा स्थान है। यह खुशखबरी मोमिनों के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है कि वे दुनिया में भले काम करते रहें और आख़िरत की सफलता की उम्मीद रखें।
  3. काफ़िरों का रवैया हमेशा से यही रहा है कि वे सच्चाई को सुनकर उसे जादू या झूठ कहकर खारिज कर देते हैं। यह उनकी हठधर्मिता और अहंकार को दर्शाता है, और मोमिनों के लिए सबक है कि वे ऐसे आरोपों से विचलित न हों और अपने ईमान पर स्थिर रहें।
  4. यह आयत बताती है कि अल्लाह का संदेश सबसे स्पष्ट और तर्कसंगत है, और जो लोग इसे नकारते हैं, वे केवल अपनी जिद और अज्ञानता के कारण नकारते हैं, न कि किसी वास्तविक कमी के कारण।
🎧 सुनें

📜 आयत 1-4 — यूनुस

1الر ۚ تِلْكَ آيَاتُ الْكِتَابِ الْحَكِيمِ
अलिफ़ लाम रा ये आयतें उस किताब की हैं जो अज़सरतापा (सर से पैर तक) हिकमत से मलूउ (भरी) है
2أَكَانَ لِلنَّاسِ عَجَبًا أَنْ أَوْحَيْنَا إِلَىٰ رَجُلٍ مِّنْهُمْ أَنْ أَنذِرِ النَّاسَ وَبَشِّرِ الَّذِينَ آمَنُوا أَنَّ لَهُمْ قَدَمَ صِدْقٍ عِندَ رَبِّهِمْ ۗ قَالَ الْكَافِرُونَ إِنَّ هَٰذَا لَسَاحِرٌ مُّبِينٌ
क्या लोगों को इस बात से बड़ा ताज्जुब हुआ कि हमने उन्हीं लोगों में से एक आदमी के पास वही भेजी कि (बे ईमान) लोगों को डराओ और ईमानदारो को इसकी ख़ुश ख़बरी सुना दो कि उनके लिए उनके परवरदिगार की बारगाह में बुलन्द दर्जे है (मगर) कुफ्फार (उन आयतों को सुनकर) कहने लगे कि ये (शख्स तो यक़ीनन सरीही जादूगर) है
3إِنَّ رَبَّكُمُ اللَّهُ الَّذِي خَلَقَ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضَ فِي سِتَّةِ أَيَّامٍ ثُمَّ اسْتَوَىٰ عَلَى الْعَرْشِ ۖ يُدَبِّرُ الْأَمْرَ ۖ مَا مِن شَفِيعٍ إِلَّا مِن بَعْدِ إِذْنِهِ ۚ ذَٰلِكُمُ اللَّهُ رَبُّكُمْ فَاعْبُدُوهُ ۚ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ
इसमें तो शक़ ही नहीं कि तुमरा परवरदिगार वही ख़ुदा है जिसने सारे आसमान व ज़मीन को 6 दिन में पैदा किया फिर उसने अर्श को बुलन्द किया वही हर काम का इन्तज़ाम करता है (उसके सामने) कोई (किसी का) सिफारिशी नहीं (हो सकता) मगर उसकी इजाज़त के बाद वही ख़ुदा तो तुम्हारा परवरदिगार है तो उसी की इबादत करो तो क्या तुम अब भी ग़ौर नही करते
4إِلَيْهِ مَرْجِعُكُمْ جَمِيعًا ۖ وَعْدَ اللَّهِ حَقًّا ۚ إِنَّهُ يَبْدَأُ الْخَلْقَ ثُمَّ يُعِيدُهُ لِيَجْزِيَ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ بِالْقِسْطِ ۚ وَالَّذِينَ كَفَرُوا لَهُمْ شَرَابٌ مِّنْ حَمِيمٍ وَعَذَابٌ أَلِيمٌ بِمَا كَانُوا يَكْفُرُونَ
तुम सबको (आख़िर) उसी की तरफ लौटना है ख़ुदा का वायदा सच्चा है वही यक़ीनन मख़लूक को पहली मरतबा पैदा करता है फिर (मरने के बाद) वही दुबारा जिन्दा करेगा ताकि जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए उनको इन्साफ के साथ जज़ाए (ख़ैर) अता फरमाएगा और जिन लोगों ने कुफ्र एख्तियार किया उन के लिए उनके कुफ्र की सज़ा में पीने को खौलता हुआ पानी और दर्दनाक अज़ाब होगा
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Tuesday, August 18, 2026

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