अल-आदियात · 5/11
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-आदियात
فَوَسَطْنَ بِهِ جَمْعًا ۝٥
Fawa satna bihee jam`a
📖 हिंदी अर्थ
फिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَوَسَطْنَ: वे (घोड़े) बीच में घुस गए।
  • بِهِ: उसके द्वारा (अर्थात अपने सवारों के साथ)।
  • جَمْعًا: शत्रुओं की भीड़ / समूह।

विस्तृत तफ़सीर:

इस आयत में अल्लाह तआला उन घोड़ों की क़सम ख़ा रहे हैं जो जिहाद के मैदान में दुश्मनों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होते हैं। ये वो घोड़े हैं जो सुबह होते ही दुश्मनों पर हमला करने के लिए दौड़ते हैं, और फिर अपने सवारों को लेकर दुश्मनों की भीड़ के बीचों-बीच घुस जाते हैं। यानी ये घोड़े न सिर्फ़ दुश्मन के इर्द-गिर्द घूमते हैं, बल्कि उनकी सफ़ों को चीरते हुए उनके दल के बिल्कुल बीच में पहुँच जाते हैं, जिससे दुश्मनों में खलबली मच जाती है और उनके पैर उखड़ जाते हैं।

यहाँ अल्लाह तआला का मक़सद मोमिनों के जिहाद की अहमियत और उनके साहस को बयान करना है। जब एक मुसलमान अपने घोड़े पर सवार होकर दुश्मन के बीच घुसता है, तो वह अपनी जान की परवाह नहीं करता, बल्कि सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा और इस्लाम की सरबुलंदी के लिए लड़ता है। ये वो जज़्बा है जो एक मोमिन को दुनिया की हर चीज़ से बेपरवाह कर देता है।

प्यारे भाइयों और बहनों! ये आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम में बहादुरी, हिम्मत और क़ुर्बानी की कितनी अहमियत है। अल्लाह तआला ने जिहाद को उन लोगों के लिए बड़ा दर्जा दिया है जो अपने दीन की हिफ़ाज़त के लिए अपनी जान तक दे देते हैं। आज हमें भी चाहिए कि हम अपने दिलों में इसी जज़्बे को जगाएँ — चाहे जिहाद बदन से हो या माल से, चाहे इल्म से हो या दुआ से। हम सब अपनी-अपनी हैसियत के मुताबिक़ इस्लाम की ख़िदमत करें और अल्लाह की राह में क़ुर्बानी देने के लिए हमेशा तैयार रहें। याद रखें, अल्लाह उन लोगों से मुहब्बत करता है जो उसकी राह में सफ़-बस्ता होकर लड़ते हैं।



📜 आयत 3-7 — सूरा अल-आदियात

3فَالْمُغِيرَاتِ صُبْحًا
फिर पत्थर पर टाप मारकर चिंगारियाँ निकालते हैं फिर सुबह को छापा मारते हैं
4فَأَثَرْنَ بِهِ نَقْعًا
(तो दौड़ धूप से) बुलन्द कर देते हैं
5فَوَسَطْنَ بِهِ جَمْعًا
फिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं
6إِنَّ الْإِنسَانَ لِرَبِّهِ لَكَنُودٌ
(ग़रज़ क़सम है) कि बेशक इन्सान अपने परवरदिगार का नाशुक्रा है
7وَإِنَّهُ عَلَىٰ ذَٰلِكَ لَشَهِيدٌ
और यक़ीनी ख़ुदा भी उससे वाक़िफ़ है
अल-आदियातकुरान सूची
11आयत
मक्कीअवतरण स्थान
5आयत

अनुवाद — अल-आदियात 5

सूरा अल-आदियात आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर उस वक्त (दुश्मन के) दिल में घुस जाते हैं

सूरा आयत 5/11 — सूरा अल-आदियात العاديات (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-आदियात सुनें, सूरा अल-आदियात अनुवाद, सूरा अल-आदियात mp3, सूरा अल-आदियात pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Thursday, October 1, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए