अत-तकासुर · 6/8
अनुवाद उच्चारण — सूरा अत-तकासुर
لَتَرَوُنَّ الْجَحِيمَ ۝٦
Latara-wun nal jaheem
📖 हिंदी अर्थ
तुम लोग ज़रूर दोज़ख़ को देखोगे

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • لَتَرَوُنَّ: अवश्य देखोगे (यहाँ "قسم" यानी क़सम के साथ ज़ोर देकर कहा गया है)
  • الْجَحِيمَ: नर्क की आग, जो बहुत गहरी और भयंकर है

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपने बंदों को एक सख्त और अहम ख़बर दे रहे हैं कि तुम सब लोग क़यामत के दिन अवश्य ही नर्क (जहन्नम) को देखोगे। यह कोई साधारण बात नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी हक़ीक़त है जिस पर अल्लाह ने क़सम खाई है। यानी यह कोई शक या संदेह की बात नहीं, बल्कि एक पक्का और यक़ीनी वादा है।

जब इंसान इस आयत पर ग़ौर करता है तो उसके दिल में कंपकंपी पैदा हो जाती है। सोचो, जिस नर्क की आग की चिंगारी से आसमान फट पड़ते हैं, जिसकी गर्मी से पहाड़ पिघल जाते हैं, उसको हर इंसान अपनी आँखों से देखेगा। यह देखना सिर्फ़ एक नज़ारा नहीं होगा, बल्कि यह उन लोगों के लिए अज़ाब का पहला मंज़र होगा जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की नाफ़रमानी की।

लेकिन इस आयत में मोमिनों के लिए एक छुपी हुई ख़ुशख़बरी भी है। जिस तरह अल्लाह ने यक़ीन के साथ फ़रमाया कि तुम सब नर्क को देखोगे, उसी तरह यह भी यक़ीनी है कि जो लोग ईमान लाए और नेक अमल किए, वे सिर्फ़ देखेंगे और उन्हें उससे गुज़रना नहीं पड़ेगा। वे उस आग से महफ़ूज़ रहेंगे। यह अल्लाह की रहमत है कि उसने हमें आगाह कर दिया ताकि हम उससे बचने की कोशिश करें।

यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की यह ज़िंदगी, यह दौलत, यह ओहदा, यह बड़ाई — सब कुछ फ़ानी है। आज हम जिस चीज़ पर इतरा रहे हैं, कल वही हमारे लिए शर्मिंदगी का सबब बनेगी। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने अमल को सुधारें, अपने दिल को अल्लाह की तरफ़ मोड़ें और उस आग से बचने का ज़रिया अपनाएँ — और वह ज़रिया है ईमान, नेक अमल, और अल्लाह की रहमत की तरफ़ दौड़ना।

अल्लाह हम सबको उस आग से बचाए और अपनी जन्नत की राह दिखाए। आमीन।



📜 आयत 4-8 — सूरा अत-तकासुर

4ثُمَّ كَلَّا سَوْفَ تَعْلَمُونَ
फिर देखो तुम्हें अनक़रीब ही मालूम हो जाएगा
5كَلَّا لَوْ تَعْلَمُونَ عِلْمَ الْيَقِينِ
देखो अगर तुमको यक़ीनी तौर पर मालूम होता (तो हरगिज़ ग़ाफिल न होते)
6لَتَرَوُنَّ الْجَحِيمَ
तुम लोग ज़रूर दोज़ख़ को देखोगे
7ثُمَّ لَتَرَوُنَّهَا عَيْنَ الْيَقِينِ
फिर तुम लोग यक़ीनी देखना देखोगे
8ثُمَّ لَتُسْأَلُنَّ يَوْمَئِذٍ عَنِ النَّعِيمِ
फिर तुमसे नेअमतों के बारें ज़रूर बाज़ पुर्स की जाएगी
अत-तकासुरकुरान सूची
8आयत
मक्कीअवतरण स्थान
6आयत

अनुवाद — अत-तकासुर 6

सूरा अत-तकासुर आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम लोग ज़रूर दोज़ख़ को देखोगे

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Saturday, October 3, 2026

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