अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- साहून (साही का बहुवचन): भूलने वाले, लापरवाह, असावधान। यहाँ इसका अर्थ है नमाज़ के प्रति लापरवाही और असावधानी बरतना।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला उन नमाज़ पढ़ने वालों के लिए विनाश और कठोर यातना की धमकी दे रहा है जो अपनी नमाज़ के प्रति लापरवाह और असावधान रहते हैं। ये वे लोग हैं जो नमाज़ को उसके सही तरीके और समय पर अदा नहीं करते, बल्कि उसे टालते-टालते उसका वक़्त निकल जाने देते हैं। वे नमाज़ को महत्व नहीं देते, न उसके लिए दिल में कोई चिंता रखते हैं, न उसे पूरे आदर और खुशू-खुज़ू (विनम्रता) के साथ पढ़ते हैं। वे नमाज़ में दिल से ग़ाफ़िल रहते हैं, उसे सिर्फ़ दिखावे के लिए या आदतन अदा करते हैं, लेकिन उसकी रूह और असली मक़सद से बेख़बर रहते हैं। यह लापरवाही और सुस्ती उनके ईमान की कमज़ोरी और अल्लाह से दूरी की निशानी है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! नमाज़ हमारे दीन की रीढ़ है, यही वह रस्सी है जो हमें अल्लाह से जोड़ती है। जो व्यक्ति नमाज़ की परवाह नहीं करता, वह अपने दीन की ही परवाह नहीं करता। अल्लाह तआला ने हमें नमाज़ का इतना बड़ा इनाम दिया है कि यह हमारे गुनाहों को मिटा देती है, हमारे दिल को साफ़ करती है और हमें बुराइयों से रोकती है। आइए हम अपनी नमाज़ को सिर्फ़ रस्म न बनाएँ, बल्कि उसे पूरे दिल से, समय पर, और खुशू-खुज़ू के साथ अदा करें। जब हम नमाज़ में खड़े हों तो यह महसूस करें कि हम अल्लाह के सामने हैं, जो हमें देख रहा है और हमारी हर बात सुन रहा है। नमाज़ ही वह ज़रिया है जिससे हमारे दिल को सुकून मिलता है और हमारी ज़िंदगी में बरकत आती है। अल्लाह हम सबको अपनी नमाज़ों की पूरी पाबंदी करने और उन्हें खुशू-खुज़ू के साथ अदा करने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 3-7 — अल-माऊन
अनुवाद — अल-माऊन 5
सूरा अल-माऊन आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो अपनी नमाज़ से ग़ाफिल रहते हैंसूरा आयत 5/7 — अल-माऊन الماعون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-माऊन सुनें, अल-माऊन अनुवाद, अल-माऊन mp3, अल-माऊन pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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