हूद · 23/123
अनुवाद उच्चारण — हूद
إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ وَأَخْبَتُوا إِلَىٰ رَبِّهِمْ أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْجَنَّةِ ۖ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ ۝٢٣
Innal lazeena aamanoo wa `amilus saalihaati wa akhbatooo ilaa Rabbihim ulaaa`ika Ashaabul Jannati hum feehaa khaalidoon
📖 हिंदी अर्थ
बेशक जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए और अपने परवरदिगार के सामने आजज़ी से झुके यही लोग जन्नती हैं कि ये बेहश्त में हमेशा रहेगें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • آمَنُوا: ईमान लाए, सच्चे दिल से विश्वास किया।
  • الصَّالِحَاتِ: अच्छे कर्म, नेक कार्य।
  • أَخْبَتُوا: ख़ुशू (विनम्रता) और ख़ुज़ू (अकीदत) के साथ अल्लाह की ओर झुके, उसके आगे पूरी तरह आत्मसमर्पण कर दिया।
  • أَصْحَابُ الْجَنَّةِ: जन्नत के रहने वाले, जन्नत के साथी।
  • خَالِدُونَ: हमेशा रहने वाले, कभी न मरने वाले।

तफ़सीर:

यह आयत उन लोगों की खुशखबरी देती है जो अल्लाह और उसके रसूल पर सच्चा ईमान लाते हैं, और अपने ईमान को सिर्फ ज़ुबान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे अपने अमल से साबित करते हैं। वे नेक काम करते हैं — नमाज़, ज़कात, रोज़ा, हज, सच्चाई, अमानत, हुस्ने-अख़्लाक़ — और इन सबके साथ उनका दिल अल्लाह की तरफ झुका होता है। "अख़्बतू" का मतलब है कि वे अल्लाह के सामने पूरी तरह झुक जाते हैं, उसकी इबादत में विनम्र होते हैं, और हर हाल में उसकी रज़ा पर राज़ी रहते हैं। वे न अकड़ते हैं, न घमंड करते हैं, बल्कि अपने रब के सामने अपनी कमज़ोरी और फ़क़ीरी का एहसास रखते हैं।

ऐसे लोगों के लिए अल्लाह ने जन्नत तैयार की है। वे जन्नत के असली हक़दार हैं, और उसमें हमेशा हमेशा रहेंगे। वहाँ न उन्हें मौत आएगी, न बुढ़ापा, न बीमारी, न कोई ग़म। वे अल्लाह की रहमत और उसकी रज़ा के साये में हमेशा खुश रहेंगे। यह वादा अल्लाह का है, और अल्लाह अपने वादे को कभी नहीं तोड़ता।

यह आयत हमें बताती है कि जन्नत का रास्ता बहुत आसान है — बस सच्चा ईमान, नेक अमल, और अल्लाह के सामने विनम्रता। अल्लाह ने अपने बंदों पर बहुत मेहरबानी की है कि उसने इतनी आसान शर्तों पर जन्नत का वादा किया है। हमें चाहिए कि हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अपने अमल को सुधारें, और अपने दिल को अल्लाह के सामने झुकाएँ। जो लोग ऐसा करेंगे, उनके लिए जन्नत की हमेशा की खुशियाँ हैं। अल्लाह हमें उन लोगों में शामिल करे। आमीन।

🎧 सुनें

📜 आयत 21-25 — हूद

21أُولَٰئِكَ الَّذِينَ خَسِرُوا أَنفُسَهُمْ وَضَلَّ عَنْهُم مَّا كَانُوا يَفْتَرُونَ
ये वह लोग हैं जिन्होंने कुछ अपना ही घाटा किया और जो इफ्तेरा परदाज़ियाँ (झूठी बातें) ये लोग करते थे (क़यामत में सब) उन्हें छोड़ के चल होगी
22لَا جَرَمَ أَنَّهُمْ فِي الْآخِرَةِ هُمُ الْأَخْسَرُونَ
इसमें शक़ नहीं कि यही लोग आख़िरत में बड़े घाटा उठाने वाले होगें
23إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ وَأَخْبَتُوا إِلَىٰ رَبِّهِمْ أُولَٰئِكَ أَصْحَابُ الْجَنَّةِ ۖ هُمْ فِيهَا خَالِدُونَ
बेशक जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे काम किए और अपने परवरदिगार के सामने आजज़ी से झुके यही लोग जन्नती हैं कि ये बेहश्त में हमेशा रहेगें
24۞ مَثَلُ الْفَرِيقَيْنِ كَالْأَعْمَىٰ وَالْأَصَمِّ وَالْبَصِيرِ وَالسَّمِيعِ ۚ هَلْ يَسْتَوِيَانِ مَثَلًا ۚ أَفَلَا تَذَكَّرُونَ
(काफिर, मुसलमान) दोनों फरीक़ की मसल अन्धे और बहरे और देखने वाले और सुनने वाले की सी है क्या ये दोनो मसल में बराबर हो सकते हैं तो क्या तुम लोग ग़ौर नहीं करते और हमने नूह को ज़रुर उन की क़ौम के पास भेजा
25وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوْمِهِ إِنِّي لَكُمْ نَذِيرٌ مُّبِينٌ
(और उन्होने अपनी क़ौम से कहा कि) मैं तो तुम्हारा (अज़ाबे ख़ुदा से) सरीही धमकाने वाला हूँ
हूदकुरान सूची
123आयत
मक्कीRevelation
23आयत

अनुवाद — हूद 23

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सूरा आयत 23/123 — हूद هود (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: हूद सुनें, हूद अनुवाद, हूद mp3, हूद pdf. आयत 21–25. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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