Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نَنقُصُهَا مِنْ أَطْرَافِهَا: हम उस (ज़मीन) को उसके किनारों से घटाते जाते हैं, यानी कुफ़्र के इलाक़ों को फ़तह करके इस्लामी इलाक़ों में मिलाते जाते हैं।
- لَا مُعَقِّبَ لِحُكْمِهِ: उसके फ़ैसले को टालने या बदलने वाला कोई नहीं।
- سَرِيعُ الْحِسَابِ: हिसाब लेने में बहुत तेज़।
तफ़सीर:
क्या इन काफ़िरों ने यह नहीं देखा कि हम ज़मीन (कुफ़्र की धरती) को उसके किनारों से घटाते चले आ रहे हैं? यानी मुसलमानों की फ़तह के ज़रिए शिर्क और कुफ़्र के इलाक़े कम होते जा रहे हैं और इस्लाम का दायरा बढ़ता जा रहा है। यह अल्लाह की तरफ़ से एक निशानी है कि उसका दीन ग़ालिब रहेगा और बातिल का ज़ोर ख़त्म होगा। मक्का के मुशरिकीन, जो नबी ﷺ के दीन को दबाने की कोशिश कर रहे थे, उन्हें इस हक़ीक़त से सबक़ लेना चाहिए था कि अल्लाह का फ़ैसला बदलने वाला कोई नहीं। अल्लाह जो चाहता है वही होता है, और उसके हुक्म के आगे किसी की चाल नहीं चलती। वह हिसाब लेने में भी बहुत तेज़ है, इसलिए इन काफ़िरों को जल्दबाज़ी नहीं करनी चाहिए; अज़ाब ज़रूर आएगा, और हर आने वाली चीज़ क़रीब है। यह भी एक इशारा है कि दुनिया में भी अल्लाह काफ़िरों को सज़ा देता है और आख़िरत में उनका पूरा हिसाब होगा।
फ़ायदे:
- इस आयत से मुसलमानों को यक़ीन होता है कि अल्लाह का दीन हमेशा बुलंद रहेगा, चाहे कुफ़्र वाले कितनी भी कोशिश कर लें। यह ईमान वालों के दिलों को मज़बूती देता है।
- अल्लाह के फ़ैसले के आगे किसी की राय या दख़ल काम नहीं आता, इसलिए इंसान को सिर्फ़ अल्लाह पर भरोसा करना चाहिए और उसी के हुक्म के आगे सर झुकाना चाहिए।
- अल्लाह की सज़ा और हिसाब से डरना चाहिए, क्योंकि वह बहुत तेज़ी से हिसाब लेने वाला है। यह डर इंसान को गुनाहों से बचाता है और नेकी की तरफ़ रग़बत पैदा करता है।
- ज़मीन पर इस्लाम का फैलना अल्लाह की तरफ़ से एक बड़ी निशानी है, जो दिखाती है कि सच्चाई और इंसाफ़ का रास्ता ही कामयाब है, और यही वह रास्ता है जिसे अपनाना चाहिए।
📜 आयत 39-43 — सूरा अर-राद
अनुवाद — अर-राद 41
सूरा अर-राद आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनसे हिसाब लेना हमारा काम है क्या उन लोगों…सूरा आयत 41/43 — सूरा अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-राद सुनें, सूरा अर-राद अनुवाद, सूरा अर-राद mp3, सूरा अर-राद pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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