अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَكَرَ: चालाकी से योजना बनाना, छुपकर नुकसान पहुँचाने की कोशिश करना।
- الْمَكْرُ: चालबाज़ी, धोखा, गुप्त योजना।
- عُقْبَى الدَّارِ: आख़िरत का अंजाम, अच्छा परिणाम।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को दिलासा देते हुए फ़रमाता है कि जिस तरह आपकी क़ौम के काफ़िर आपके ख़िलाफ़ चालें चल रहे हैं और आपको रोकने की कोशिश कर रहे हैं, उसी तरह पहले की उम्मतों के लोगों ने भी अपने नबियों के साथ ऐसा ही किया था। उन्होंने अपने नबियों को नुकसान पहुँचाने के लिए तरह-तरह की चालें बनाईं, लेकिन अल्लाह ने उनकी सारी चालों को नाकाम कर दिया।
अल्लाह तआला फ़रमाता है कि सारी चालबाज़ियाँ और योजनाएँ अल्लाह ही की हैं — यानी असली ताक़त और इख़्तियार सिर्फ़ अल्लाह के पास है। इंसान चाहे कितनी भी चालें चले, अल्लाह की मरज़ी के बग़ैर कुछ नहीं हो सकता। अल्लाह हर इंसान के दिल की बात जानता है और उसके हर अच्छे-बुरे काम से वाक़िफ़ है। कोई भी काम उससे छिपा नहीं है।
फिर अल्लाह तआला काफ़िरों को धमकी देते हुए फ़रमाता है कि जल्द ही उन्हें पता चल जाएगा कि आख़िरत में अच्छा अंजाम किसका है। जब वे मरकर अल्लाह के सामने हाज़िर होंगे, तो उन्हें यक़ीन हो जाएगा कि जन्नत और कामयाबी उन लोगों के लिए है जिन्होंने अल्लाह के रसूलों का साथ दिया और ईमान लाए। काफ़िरों का अंजाम जहन्नम की आग है, जबकि मोमिनों का अंजाम जन्नत की नेअमतें हैं।
फ़ायदे (सबक़):
- अल्लाह पर भरोसा रखने वाले को कभी निराश नहीं होना चाहिए। दुश्मनों की चालें चाहे कितनी भी ताक़तवर क्यों न लगें, अल्लाह की क़ुदरत के आगे वे बेकार हैं।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हर इंसान अपने कर्मों के लिए ज़िम्मेदार है और अल्लाह उसके हर काम का हिसाब लेगा। इसलिए हमें हमेशा नेक काम करने की कोशिश करनी चाहिए।
- इस्लाम सिखाता है कि अंतिम जीत हमेशा सच्चाई और ईमान की होती है। चाहे दुनिया में कुछ भी हो, आख़िरत में अल्लाह के नेक बंदे ही कामयाब होंगे।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि किसी के साथ धोखा या चालबाज़ी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अल्लाह सब कुछ देख रहा है और वह खुद चालबाज़ों को उनकी चाल का बदला देने वाला है।
📜 आयत 40-43 — अर-राद
अनुवाद — अर-राद 42
सूरा अर-राद आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो लोग उन (कुफ्फार मक्के) से पहले हो गुज़रे…सूरा आयत 42/43 — अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-राद सुनें, अर-राद अनुवाद, अर-राद mp3, अर-राद pdf. आयत 40–43. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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