अर-राद · 42/43
अनुवाद उच्चारण — अर-राद
وَقَدْ مَكَرَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ فَلِلَّهِ الْمَكْرُ جَمِيعًا ۖ يَعْلَمُ مَا تَكْسِبُ كُلُّ نَفْسٍ ۗ وَسَيَعْلَمُ الْكُفَّارُ لِمَنْ عُقْبَى الدَّارِ ۝٤٢
Wa qad makaral lazeena min qablihim falillaahil makru jamee`aa; ya`lamu maa taksibu kullu nafs; wa sa ya`lamul kuffaaru liman `uqbad daar
📖 हिंदी अर्थ
और जो लोग उन (कुफ्फार मक्के) से पहले हो गुज़रे हैं उन लोगों ने भी पैग़म्बरों की मुख़ालफत में बड़ी बड़ी तदबीरे की तो (ख़ाक न हो सका क्योंकि) सब तदबीरे तो ख़ुदा ही के हाथ में हैं जो शख़्श जो कुछ करता है वह उसे खूब जानता है और अनक़रीब कुफ्फार को भी मालूम हो जाएगा कि आख़िरत की खूबी किस के लिए है
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • مَكَرَ: चालाकी से योजना बनाना, छुपकर नुकसान पहुँचाने की कोशिश करना।
  • الْمَكْرُ: चालबाज़ी, धोखा, गुप्त योजना।
  • عُقْبَى الدَّارِ: आख़िरत का अंजाम, अच्छा परिणाम।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को दिलासा देते हुए फ़रमाता है कि जिस तरह आपकी क़ौम के काफ़िर आपके ख़िलाफ़ चालें चल रहे हैं और आपको रोकने की कोशिश कर रहे हैं, उसी तरह पहले की उम्मतों के लोगों ने भी अपने नबियों के साथ ऐसा ही किया था। उन्होंने अपने नबियों को नुकसान पहुँचाने के लिए तरह-तरह की चालें बनाईं, लेकिन अल्लाह ने उनकी सारी चालों को नाकाम कर दिया।

अल्लाह तआला फ़रमाता है कि सारी चालबाज़ियाँ और योजनाएँ अल्लाह ही की हैं — यानी असली ताक़त और इख़्तियार सिर्फ़ अल्लाह के पास है। इंसान चाहे कितनी भी चालें चले, अल्लाह की मरज़ी के बग़ैर कुछ नहीं हो सकता। अल्लाह हर इंसान के दिल की बात जानता है और उसके हर अच्छे-बुरे काम से वाक़िफ़ है। कोई भी काम उससे छिपा नहीं है।

फिर अल्लाह तआला काफ़िरों को धमकी देते हुए फ़रमाता है कि जल्द ही उन्हें पता चल जाएगा कि आख़िरत में अच्छा अंजाम किसका है। जब वे मरकर अल्लाह के सामने हाज़िर होंगे, तो उन्हें यक़ीन हो जाएगा कि जन्नत और कामयाबी उन लोगों के लिए है जिन्होंने अल्लाह के रसूलों का साथ दिया और ईमान लाए। काफ़िरों का अंजाम जहन्नम की आग है, जबकि मोमिनों का अंजाम जन्नत की नेअमतें हैं।

फ़ायदे (सबक़):

  1. अल्लाह पर भरोसा रखने वाले को कभी निराश नहीं होना चाहिए। दुश्मनों की चालें चाहे कितनी भी ताक़तवर क्यों न लगें, अल्लाह की क़ुदरत के आगे वे बेकार हैं।
  2. यह आयत हमें सिखाती है कि हर इंसान अपने कर्मों के लिए ज़िम्मेदार है और अल्लाह उसके हर काम का हिसाब लेगा। इसलिए हमें हमेशा नेक काम करने की कोशिश करनी चाहिए।
  3. इस्लाम सिखाता है कि अंतिम जीत हमेशा सच्चाई और ईमान की होती है। चाहे दुनिया में कुछ भी हो, आख़िरत में अल्लाह के नेक बंदे ही कामयाब होंगे।
  4. यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि किसी के साथ धोखा या चालबाज़ी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अल्लाह सब कुछ देख रहा है और वह खुद चालबाज़ों को उनकी चाल का बदला देने वाला है।
🎧 सुनें

📜 आयत 40-43 — अर-राद

40وَإِن مَّا نُرِيَنَّكَ بَعْضَ الَّذِي نَعِدُهُمْ أَوْ نَتَوَفَّيَنَّكَ فَإِنَّمَا عَلَيْكَ الْبَلَاغُ وَعَلَيْنَا الْحِسَابُ
और (ए रसूल) जो जो वायदे (अज़ाब वगैरह के) हम उन कुफ्फारों से करते हैं चाहे, उनमें से बाज़ तुम्हारे सामने पूरे कर दिखाएँ या तुम्हें उससे पहले उठा लें बहर हाल तुम पर तो सिर्फ एहकाम का पहुचा देना फर्ज है
41أَوَلَمْ يَرَوْا أَنَّا نَأْتِي الْأَرْضَ نَنقُصُهَا مِنْ أَطْرَافِهَا ۚ وَاللَّهُ يَحْكُمُ لَا مُعَقِّبَ لِحُكْمِهِ ۚ وَهُوَ سَرِيعُ الْحِسَابِ
और उनसे हिसाब लेना हमारा काम है क्या उन लोगों ने ये बात न देखी कि हम ज़मीन को (फ़ुतुहाते इस्लाम से) उसके तमाम एतराफ (चारो ओर) से (सवाह कुफ्र में) घटाते चले आते हैं और ख़ुदा जो चाहता है हुक्म देता है उसके हुक्म का कोई टालने वाला नहीं और बहुत जल्द हिसाब लेने वाला है
42وَقَدْ مَكَرَ الَّذِينَ مِن قَبْلِهِمْ فَلِلَّهِ الْمَكْرُ جَمِيعًا ۖ يَعْلَمُ مَا تَكْسِبُ كُلُّ نَفْسٍ ۗ وَسَيَعْلَمُ الْكُفَّارُ لِمَنْ عُقْبَى الدَّارِ
और जो लोग उन (कुफ्फार मक्के) से पहले हो गुज़रे हैं उन लोगों ने भी पैग़म्बरों की मुख़ालफत में बड़ी बड़ी तदबीरे की तो (ख़ाक न हो सका क्योंकि) सब तदबीरे तो ख़ुदा ही के हाथ में हैं जो शख़्श जो कुछ करता है वह उसे खूब जानता है और अनक़रीब कुफ्फार को भी मालूम हो जाएगा कि आख़िरत की खूबी किस के लिए है
43وَيَقُولُ الَّذِينَ كَفَرُوا لَسْتَ مُرْسَلًا ۚ قُلْ كَفَىٰ بِاللَّهِ شَهِيدًا بَيْنِي وَبَيْنَكُمْ وَمَنْ عِندَهُ عِلْمُ الْكِتَابِ
और (ऐ रसूल) काफिर लोग कहते हैं कि तुम पैग़म्बर नही हो तो तुम (उनसे) कह दो कि मेरे और तुम्हारे दरमियान मेरी रिसालत की गवाही के वास्ते ख़ुदा और वह शख़्श जिसके पास (आसमानी) किताब का इल्म है काफी है
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अनुवाद — अर-राद 42

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Tuesday, August 18, 2026

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