अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نُرِيَنَّكَ — हम तुम्हें दिखा दें।
- نَعِدُهُمْ — जिसकी हम उन्हें धमकी दे रहे हैं।
- نَتَوَفَّيَنَّكَ — हम तुम्हें उठा लें (तुम्हारी मृत्यु हो जाए)।
- الْبَلَاغُ — (संदेश) पहुँचाना।
- الْحِسَابُ — हिसाब लेना (प्रतिशोध)।
तफ़सीर:
ऐ नबी! अल्लाह तआला आपको सांत्वना देते हुए फ़रमाता है कि ऐ रसूल! चाहे हम आपको जीते-जी उन काफ़िरों पर वह अज़ाब दिखा दें जिसकी हम उन्हें धमकी दे रहे हैं — और यह बिल्कुल संभव है, क्योंकि अल्लाह की शक्ति के आगे कुछ भी असंभव नहीं — या चाहे हम आपको उससे पहले ही उठा लें और आप उसे न देख पाएँ, तो इन दोनों ही स्थितियों में आपका काम केवल संदेश पहुँचाना है। आप पर उन्हें सज़ा देने या उनका हिसाब लेने की कोई ज़िम्मेदारी नहीं है। यह काम पूर्ण रूप से हमारा है। हम ही उनका हिसाब लेंगे और उन्हें उनके कर्मों का पूरा-पूरा बदला देंगे।
इस आयत में नबी करीम ﷺ को एक बहुत बड़ी तसल्ली दी गई है। जब आप ﷺ को अपनी क़ौम की ओर से अत्यधिक कष्ट पहुँचता था और वे आपकी बात नहीं मानते थे, तो आपको यह बताया गया कि आपका काम केवल पहुँचाना है, फल देना अल्लाह के हाथ में है। यही हाल इस उम्मत के दावत देने वालों का है — उन्हें भी यही समझना चाहिए कि हिदायत देना अल्लाह के हाथ में है, हमारा काम केवल सच्चाई पहुँचाना है।
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि हमें अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिए और परिणाम अल्लाह पर छोड़ देना चाहिए। जब हम यह विश्वास कर लेंगे कि हिसाब अल्लाह के ज़िम्मे है, तो हमारे दिल से निराशा और घबराहट दूर हो जाएगी। और यह भी याद रखें कि अल्लाह न्याय करने वाला है — वह किसी के साथ ज़ुल्म नहीं करेगा, और हर अच्छे और बुरे कर्म का पूरा बदला देगा। यही वह चीज़ है जो मोमिन के दिल को सुकून देती है और उसे अपने रब पर पूरा भरोसा करने की ताक़त देती है।
📜 आयत 38-42 — अर-राद
अनुवाद — अर-राद 40
सूरा अर-राद आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ए रसूल) जो जो वायदे (अज़ाब वगैरह के) हम…सूरा आयत 40/43 — अर-राद الرعد (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-राद सुनें, अर-राद अनुवाद, अर-राद mp3, अर-राद pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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