Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَأَذَّنَ: अर्थात अल्लाह ने स्पष्ट रूप से घोषणा की और अपनी ओर से पक्का वादा बताया।
- لَأَزِيدَنَّكُمْ: मैं तुम्हें निश्चित रूप से और अधिक दूँगा।
- كَفَرْتُمْ: अर्थात नेमतों का इनकार किया, उन्हें न पहचाना और अल्लाह की नेमतों के बजाय उसकी नाफ़रमानी की।
- عَذَابِي لَشَدِيدٌ: मेरी यातना अत्यंत कठोर और भयंकर है।
तफ़सीर:
यह आयत हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की उस नसीहत का हिस्सा है जो उन्होंने अपनी क़ौम बनी इसराईल को की थी। अल्लाह तआला ने उन्हें फ़िरऔन की ग़ुलामी से आज़ाद किया, समुद्र को चीरकर उन्हें रास्ता दिया, आसमान से मन्न-ओ-सलवा (खाने की चीज़ें) उतारीं, और प्यासे होने पर पत्थर से पानी जारी किया। ये सब अल्लाह की बड़ी नेमतें थीं। इसी सिलसिले में अल्लाह ने उन्हें बताया कि उसने अपनी ओर से एक पक्का और स्पष्ट वादा किया है।
अल्लाह तआला का फ़रमान है: "अगर तुम मेरा शुक्र अदा करोगे, मेरी नेमतों को पहचानोगे और उन्हें मेरी राह में इस्तेमाल करोगे, तो मैं तुम्हें और ज़्यादा दूँगा।" यह अल्लाह का वह अटल नियम है जो उसने अपने बंदों के लिए तय कर रखा है—शुक्र नेमत को बढ़ाता है। शुक्र का मतलब सिर्फ़ ज़बान से "शुक्र" कहना नहीं है, बल्कि यह है कि बंदा अल्लाह की नेमत को उसी की इबादत और उसकी फ़रमाबरदारी में खर्च करे, और उसका दिल अल्लाह की मोहब्बत और एहसानमंदी से भरा रहे।
और अगर तुम कुफ़्र करो—यानी अल्लाह की नेमतों से मुँह मोड़ो, उन्हें भूल जाओ, या उनका इस्तेमाल नाफ़रमानी में करो—तो जान लो कि अल्लाह का अज़ाब बहुत सख्त है। वह नेमतें छीन लेता है, और उसकी पकड़ ऐसी होती है जिससे कोई बच नहीं सकता।
यह आयत हम सबके लिए एक बहुत बड़ी शिक्षा है। हमें चाहिए कि हर वक़्त अल्लाह का शुक्र अदा करें—चाहे नेमत छोटी हो या बड़ी। जब हम शुक्र करते हैं, तो अल्लाह हमें और देता है, और जब हम नाशुक्री करते हैं, तो हम ख़ुद अपने ऊपर अज़ाब का दरवाज़ा खोल लेते हैं। याद रखिए, अल्लाह की नेमतें उसके बंदों पर बरसती रहती हैं, लेकिन शुक्र ही वह चाबी है जो इन नेमतों को बढ़ाती है और उन्हें हमारे लिए बरकत वाला बनाती है। अल्लाह हमें शुक्रगुज़ार बंदे बनाए और हमें नाशुक्री से बचाए। आमीन।
📜 आयत 5-9 — सूरा इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 7
सूरा इब्राहीम आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (वह वक्त याद दिलाओ) जब तुम्हारे परवरदिगार ने तुम्हें…सूरा आयत 7/52 — सूरा इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा इब्राहीम सुनें, सूरा इब्राहीम अनुवाद, सूरा इब्राहीम mp3, सूरा इब्राहीम pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा इब्राहीम
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


