Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَسُومُونَكُمْ سُوءَ الْعَذَابِ: तुम्हें सबसे बुरा और कठोर अज़ाब चखाते थे।
- وَيَسْتَحْيُونَ نِسَاءَكُمْ: तुम्हारी स्त्रियों को ज़िंदा छोड़ देते थे (उन्हें मारते नहीं थे)।
- بَلَاءٌ: परीक्षण, आज़माइश और इम्तिहान।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप अपनी क़ौम को उस समय की याद दिलाइए जब मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम बनी इस्राईल से कहा: "अल्लाह की उस नेमत को याद करो जो उसने तुम पर की, जब उसने तुम्हें फ़िरऔन और उसके साथियों के चंगुल से नजात दी। वे तुम्हें सबसे बुरा अज़ाब चखाते थे—तुम्हारे बेटों को ज़िब्ह कर देते थे ताकि तुममें कोई ऐसा बेटा पैदा न हो जो फ़िरऔन की सल्तनत पर क़ाबिज़ हो जाए, और तुम्हारी औरतों को ज़िंदा रखते थे ताकि उन्हें रुसवा करें और उनकी इज़्ज़तें लूटें। यानी वे तुम्हें तरह-तरह की सख्त सज़ाएँ देते थे और तुम्हारी बेइज़्ज़ती करते थे। और इस अज़ाब व नजात में तुम्हारे रब की तरफ से तुम्हारे लिए बड़ी आज़माइश थी—इसलिए कि तुम सब्र करो और अल्लाह की नेमतों का शुक्र अदा करो। अल्लाह ने तुम्हें इस सख्त मुसीबत से निकालकर अपनी बड़ी नेमत से नवाज़ा, और यह सब कुछ तुम्हारे इम्तिहान के लिए था।"
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की नेमतों को याद करना और उनका ज़िक्र करना शुक्र का ज़रिया है और दिल में अल्लाह की मुहब्बत पैदा करता है।
- मुसीबतों और आज़माइशों में अल्लाह की रहमत और मदद का राज़ छिपा होता है—जो सब्र करता है, अल्लाह उसे बड़ी नजात देता है।
- अल्लाह अपने बंदों को उनकी हैसियत के मुताबिक आज़माता है, और जो उसकी राह में सब्र करते हैं, उन्हें वह ज़ुल्म और सितम से निकालकर इज़्ज़त और आज़ादी देता है।
- यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि ज़ुल्म करने वाली ताकतें चाहे कितनी भी ताकतवर हों, अल्लाह की क़ुदरत के आगे बेबस हैं—वह अपने मोमिन बंदों को हमेशा राहत देता है।
- नेमतों की क़द्र करना और उन्हें अल्लाह की तरफ मंसूब करना ईमान की निशानी है, और इससे अल्लाह की मुहब्बत और बंदगी में इख़लास बढ़ता है।
📜 आयत 4-8 — सूरा इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 6
सूरा इब्राहीम आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और वह (वक्त याद दिलाओ) जब मूसा ने अपनी क़ौम…सूरा आयत 6/52 — सूरा इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा इब्राहीम सुनें, सूरा इब्राहीम अनुवाद, सूरा इब्राहीम mp3, सूरा इब्राहीम pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा इब्राहीम
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


