अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَكْفُرُوا: कृतघ्नता करना, अविश्वास करना, इनकार करना।
- لَغَنِيٌّ: बिल्कुल बेनियाज़, किसी का मोहताज नहीं।
- حَمِيدٌ: हर हाल में प्रशंसा के योग्य, सभी अच्छाइयों का स्वामी।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम को सम्बोधित करते हुए कहा: यदि तुम कुफ़्र करो—यानी अल्लाह की नेमतों का इनकार करो और उसकी इबादत से मुँह मोड़ो—और यदि धरती के सभी लोग भी तुम्हारे साथ मिलकर कुफ़्र कर लें, तो इससे अल्लाह को ज़रा भी नुक़्सान नहीं पहुँचेगा। क्योंकि अल्लाह तआला अपनी ज़ात में हर किसी से बेनियाज़ है; उसे किसी की इबादत की ज़रूरत नहीं, न किसी के ईमान से उसे कोई फ़ायदा पहुँचता है और न किसी के कुफ़्र से उसे कोई हानि। वह तो अपनी ज़ात और अपनी सिफ़ात की वजह से ही सभी प्रशंसाओं का हक़दार है—चाहे कोई उसकी प्रशंसा करे या न करे। उसकी हम्द (प्रशंसा) उसके लिए ज़रूरी है, क्योंकि वह हर कमाल का मालिक है। इसलिए कुफ़्र का नुक़्सान सिर्फ़ ख़ुद कुफ़्र करने वालों को ही होता है, अल्लाह को नहीं।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला किसी की इबादत का मोहताज नहीं। हमारी इबादत और ईमान हमारे अपने भले के लिए है, अल्लाह की ज़ात के लिए नहीं।
- अल्लाह की बेनियाज़ी और उसकी हम्द (प्रशंसा) उसकी ज़ात की सिफ़ात हैं, जो हमेशा से थीं और हमेशा रहेंगी। इससे हमें यह समझ मिलती है कि हमारा रिश्ता अल्लाह से मुहब्बत और बन्दगी का है, न कि किसी लेन-देन का।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि कुफ़्र और नाफ़रमानी का अंजाम सिर्फ़ इंसान के अपने लिए बुरा है। अल्लाह अपनी ज़ात में किसी भी हाल में कमाल पर है। इसलिए हमें अपनी ज़िन्दगी को अल्लाह की रज़ा के मुताबिक़ बनाना चाहिए, ताकि हम ख़ुद फ़ायदा उठाएँ।
- इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह की हम्द और तारीफ़ हर हाल में करनी चाहिए—चाहे हालात अच्छे हों या बुरे। क्योंकि वह हर हाल में हम्द के लायक़ है।
- यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि हमें अपने ईमान और अच्छे कामों पर घमंड नहीं करना चाहिए, क्योंकि हमारा ईमान अल्लाह पर कोई एहसान नहीं है। बल्कि यह अल्लाह की तौफ़ीक़ है, जो हम पर उसका फ़ज़ल है।
📜 आयत 6-10 — सूरा इब्राहीम
अनुवाद — इब्राहीम 8
सूरा इब्राहीम आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और मूसा ने (अपनी क़ौम से) कह दिया कि अगर…सूरा आयत 8/52 — सूरा इब्राहीम إبراهيم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा इब्राहीम सुनें, सूरा इब्राहीम अनुवाद, सूरा इब्राहीम mp3, सूरा इब्राहीम pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 8, 2026
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