अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَفَحَسِبَ: क्या उन्होंने समझ लिया?
- عِبَادِي: मेरे बंदे (जिन्हें वे पूजते हैं, जैसे फ़रिश्ते, ईसा, उज़ैर और शैतान)
- أَوْلِيَاءَ: मददगार, संरक्षक, पूज्य
- أَعْتَدْنَا: हमने तैयार कर रखा है
- نُزُلًا: मेहमानों के लिए तैयार किया गया ठिकाना (यहाँ अर्थ: स्थायी निवास)
तफ़सीर:
क्या उन लोगों ने, जिन्होंने अल्लाह का इनकार किया, यह समझ लिया है कि वे मेरे बंदों को — चाहे वे फ़रिश्ते हों, ईसा (अलैहिस्सलाम) हों, उज़ैर हों या शैतान ही क्यों न हों — मुझे छोड़कर अपना संरक्षक और पूज्य बना लें, और यह उन्हें किसी काम आएगा? यह कितनी बड़ी भूल है! ये सब तो मेरे बंदे हैं, मेरी मख़लूक़ हैं। वे न तो किसी को फ़ायदा पहुँचा सकते हैं और न ही नुक़सान। उन्हें पूजना और उनसे मदद माँगना सिर्फ़ उनकी अपनी ग़लतफ़हमी है।
अल्लाह तआला फ़रमाता है: हमने ऐसे काफ़िरों के लिए जहन्नम की आग तैयार कर रखी है — बिल्कुल उसी तरह जैसे मेहमानों के लिए पहले से ठिकाना तैयार किया जाता है। यह उनका स्थायी निवास होगा, जहाँ वे हमेशा रहेंगे। यह उनके उसी कुकर्म का नतीजा है जो उन्होंने दुनिया में किया — अल्लाह के बंदों को उसका साझी ठहराया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई की याद दिलाती है: अल्लाह के सिवा कोई भी पूजा के योग्य नहीं है। फ़रिश्ते, नबी, औलिया — सब अल्लाह के बंदे हैं। उनसे मुहब्बत रखना और उनकी इज़्ज़त करना ठीक है, लेकिन उन्हें पूजना, उनसे मदद माँगना, या उन्हें अल्लाह का साझी बनाना — यह वही ग़लती है जिसके लिए यह आयत काफ़िरों को डरा रही है।
प्यारे भाइयो और बहनों! अल्लाह ने हमें सीधा रास्ता दिखाया है। वह चाहता है कि हम सिर्फ़ उसी की इबादत करें, सिर्फ़ उसी से मदद माँगें, और सिर्फ़ उसी पर भरोसा रखें। यही सबसे आसान और सबसे सीधा रास्ता है। जो लोग इस रास्ते पर चलते हैं, उनके लिए जन्नत की ख़ुशख़बरी है; और जो इससे मुँह मोड़ते हैं, उनके लिए जहन्नम का अंजाम है। अल्लाह हमें सच्ची समझ और सीधे रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 100-104 — अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 102
सूरा अल-कहफ आयत 102 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो क्या जिन लोगों ने कुफ्र एख्तियार किया इस ख्याल…सूरा आयत 102/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 100–104. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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