Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- अ'युनुहुम (उनकी आँखें): यहाँ आँखों से मुराद सिर्फ़ देखने वाली आँखें नहीं, बल्कि दिल की आँखें (बसीरत) हैं, यानी समझने और सोचने की शक्ति।
- ग़िता (पर्दा/आवरण): ऐसा पर्दा जो हक़ को देखने से रोक दे।
- ज़िक्री (मेरी याद): यहाँ मुराद क़ुरआन और ईमान की दावत है।
- ला यस्तती'ऊन साम'आ (वे सुनने की ताक़त नहीं रखते): यानी हक़ की बात को क़बूल करने के लिए सुनना भी उनके लिए नामुमकिन था।
तफ़सीर:
यह आयत उन काफ़िरों का हाल बयान कर रही है जिन्हें क़यामत के दिन जहन्नम के सामने पेश किया जाएगा। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये वो लोग हैं जिनकी आँखों पर दुनिया में हक़ की निशानियाँ देखने का पर्दा पड़ा हुआ था। वे अल्लाह की आयतों और निशानियों को देखते हुए भी नहीं देखते थे, क्योंकि उनके दिल अंधे थे। उनकी आँखें खुली थीं, मगर बसीरत (दिल की आँख) बंद थी। वे क़ुरआन और अल्लाह की याद से इतना दूर हो गए थे कि जब उन्हें हक़ की दावत दी जाती तो वे उसे सुनना ही गवारा नहीं करते थे। उनके कान काम करते थे, मगर दिल के कान बहरे थे — वे सुनते थे, लेकिन क़बूल करने के लिए नहीं, बल्कि झुठलाने और मज़ाक उड़ाने के लिए।
यह आयत हमें बड़ी सीख देती है कि अल्लाह की याद और उसके कलाम (क़ुरआन) से दूर रहने वाला इंसान धीरे-धीरे ऐसा हो जाता है कि हक़ उसके सामने आए तो भी वह उसे देख नहीं पाता और सच्ची बात उसके कानों में पड़े तो भी वह उसे सुन नहीं पाता। यह अल्लाह की तरफ़ से एक सज़ा है जो इंसान को उसके अपने अंदाज़े से मिलती है — जो हक़ से मुँह मोड़ता है, उसका दिल हक़ के लिए बंद कर दिया जाता है।
प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें चेतावनी देती है कि हम अपने दिलों को क़ुरआन और ज़िक्र से जोड़े रखें। जो इंसान रोज़ क़ुरआन पढ़ता है, उस पर अमल करता है और अल्लाह को याद करता है, उसकी आँखें हक़ को देखने लगती हैं और उसके कान हिदायत की आवाज़ सुनने लगते हैं। अल्लाह तआला हम सबको हिदायत की रौशनी दे और हमारे दिलों को क़ुरआन से जोड़े। आमीन।
📜 आयत 99-103 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 101
सूरा अल-कहफ आयत 101 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उसी (रसूल की दुश्मनी की सच्ची बात) कुछ भी…सूरा आयत 101/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 99–103. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


