Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَن تَسْتَطِيعَ — तुम कभी सहन नहीं कर सकोगे
- صَبْرًا — धैर्य, सब्र
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने उस नाव को छेदते देखा, जिसमें सवार लोगों को डूबने का खतरा पैदा हो गया था, तो वे अपनी स्वाभाविक प्रतिक्रिया में रुक नहीं सके और एतराज़ किया। इस पर हज़रत ख़िज़र (अलैहिस्सलाम) ने उन्हें वही बात याद दिलाई जो उन्होंने पहले ही कह दी थी: "क्या मैंने तुमसे नहीं कहा था कि तुम मेरे साथ धैर्य नहीं रख सकते?"
यह एक नर्म लेकिन स्पष्ट अनुस्मारक था — जैसे कोई शिक्षक अपने शिष्य को प्यार से समझाए कि "मैंने तुम्हें पहले ही बता दिया था।" हज़रत ख़िज़र की यह बात किसी तरह की झुंझलाहट या गुस्से से नहीं, बल्कि एक गहरी शिक्षा और हिकमत से भरी हुई थी। वे मूसा (अलैहिस्सलाम) को यह समझाना चाहते थे कि जो कुछ वे कर रहे हैं, वह अल्लाह के हुक्म से है, और उसके पीछे ऐसी मसलहतें (भलाइयाँ) हैं जिन्हें ज़ाहिरी तौर पर नहीं देखा जा सकता।
इस आयत में हमारे लिए एक बहुत बड़ी सीख है — कभी-कभी अल्लाह की तरफ से आने वाले हालात या फैसले हमें अजीब या नापसंद लगते हैं, लेकिन उनमें छिपी हुई भलाई होती है। जिस तरह हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) जैसे महान पैग़म्बर को भी सब्र की परीक्षा से गुज़रना पड़ा, उसी तरह हमें भी ज़िंदगी के उतार-चढ़ाव में सब्र और भरोसे की ज़रूरत है। अल्लाह पर यक़ीन रखें कि वह जो करता है, बेहतरी के लिए ही करता है — भले ही हमारी समझ उस तक न पहुँचे।
यह क़िस्सा हमें सिखाता है कि इल्म (ज्ञान) के कितने ही दरजे होते हैं। एक इंसान कितना भी बड़ा आलिम क्यों न हो, कुछ ऐसी बातें होती हैं जो उसकी समझ से परे होती हैं। इसलिए अल्लाह के फैसलों पर भरोसा रखना और सब्र करना ही मोमिन की पहचान है।
📜 आयत 70-74 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 72
सूरा अल-कहफ आयत 72 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि लोगों को डुबा दीजिए ये तो आप ने बड़ी…सूरा आयत 72/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 70–74. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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