मरियम · 2/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
ذِكْرُ رَحْمَتِ رَبِّكَ عَبْدَهُ زَكَرِيَّا ۝٢
Zikru rahmati Rabbika `abdahoo Zakariyya
📖 हिंदी अर्थ
ये तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी का ज़िक्र है जो (उसने) अपने ख़ास बन्दे ज़करिया के साथ की थी
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • ذِكْرُ (ज़िक्रु): याद दिलाना, वर्णन करना, उल्लेख करना।
  • رَحْمَتِ (रहमत): दया, कृपा, विशेष अनुग्रह।
  • رَبِّكَ (रब्बिक): तेरा पालनहार (ऐ नबी!)।
  • عَبْدَهُ (अब्दहु): उसका बंदा।
  • زَكَرِيَّا (ज़करिय्या): अल्लाह के नबी ज़करिय्या अलैहिस्सलाम।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! यह जो कुछ तुम्हें सुनाया जा रहा है, वह तुम्हारे पालनहार की उस महान दया का वर्णन है जो उसने अपने नेक बंदे ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) पर की। यह कोई साधारण कहानी नहीं, बल्कि रहमतों से भरा एक ऐसा प्रकरण है जिसमें अल्लाह की कुदरत, उसकी सुनने और देखने की क्षमता, और उसके अपने बंदों पर करम करने का अद्भुत नमूना पेश किया गया है।

यहाँ अल्लाह तआला अपने नबी को संबोधित करते हुए फ़रमा रहे हैं कि हम तुम्हें ज़करिय्या की वह दास्तान सुना रहे हैं, जो उनके जीवन की सबसे बड़ी घटना थी—बुढ़ापे में संतान की प्राप्ति। यह वर्णन सिर्फ़ सुनाने के लिए नहीं, बल्कि इसमें उन लोगों के लिए बड़ी सीख है जो अल्लाह की रहमत से निराश हो जाते हैं। जब अल्लाह किसी बंदे पर मेहरबान होता है, तो वह उसे ऐसे रास्तों से नवाज़ता है जिनका अंदाज़ा इंसान को नहीं होता।

इस आयत में अल्लाह ने ज़करिय्या को "अपना बंदा" कहकर पुकारा है—यह उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। क्योंकि अल्लाह के यहाँ सबसे प्यारा वही है जो उसका सच्चा और आज्ञाकारी बंदा हो। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह की रहमत उन्हीं को मिलती है जो उसकी बंदगी में सच्चे हों, और उसकी दया की कोई सीमा नहीं—चाहे हालात कितने भी मुश्किल क्यों न हों।

यह वर्णन हमारे लिए इसलिए भी अहम है कि हम यह समझें कि अल्लाह अपने नबियों की दुआओं को किस तरह सुनता है और उन्हें किस तरह अपनी रहमत से नवाज़ता है। ज़करिय्या ने जब बुढ़ापे में अल्लाह से संतान की दुआ माँगी, तो अल्लाह ने उन्हें यह खुशखबरी दी। यह हमें सिखाता है कि अल्लाह की रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए, और उससे हमेशा उम्मीद रखनी चाहिए। अल्लाह हर मुश्किल को आसान कर सकता है, और हर नामुमकिन को मुमकिन बना सकता है।

यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन की हर कहानी सिर्फ़ एक किस्सा नहीं, बल्कि हमारे लिए रहनुमाई और सबक़ है। जिस तरह अल्लाह ने ज़करिय्या पर रहमत की, वह हर उस बंदे पर रहमत करता है जो उसकी तरफ़ रुजू करता है, उससे दुआ माँगता है, और उसकी रहमत पर भरोसा रखता है।

🎧 सुनें

📜 आयत 1-4 — मरियम

1كهيعص
काफ़ हा या ऐन साद
2ذِكْرُ رَحْمَتِ رَبِّكَ عَبْدَهُ زَكَرِيَّا
ये तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी का ज़िक्र है जो (उसने) अपने ख़ास बन्दे ज़करिया के साथ की थी
3إِذْ نَادَىٰ رَبَّهُ نِدَاءً خَفِيًّا
कि जब ज़करिया ने अपने परवरदिगार को धीमी आवाज़ से पुकारा
4قَالَ رَبِّ إِنِّي وَهَنَ الْعَظْمُ مِنِّي وَاشْتَعَلَ الرَّأْسُ شَيْبًا وَلَمْ أَكُن بِدُعَائِكَ رَبِّ شَقِيًّا
(और) अर्ज़ की ऐ मेरे पालने वाले मेरी हड्डियां कमज़ोर हो गई और सर है कि बुढ़ापे की (आग से) भड़क उठा (सेफद हो गया) है और ऐ मेरे पालने वाले मैं तेरी बारगाह में दुआ कर के कभी महरूम नहीं रहा हूँ
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीRevelation
2आयत

अनुवाद — मरियम 2

सूरा मरियम आयत 2 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी का ज़िक्र है जो (उसने)…

सूरा आयत 2/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 1–4. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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