Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- نَادَىٰ (नादा) – पुकारा, दुआ की।
- نِدَاءً خَفِيًّا (निदाअन ख़फ़िय्यन) – छिपी हुई, धीमी और गुप्त पुकार।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत हज़रत ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) की दुआ का ज़िक्र करती है, जब उन्होंने अपने रब को गुप्त और धीमी आवाज़ में पुकारा। यह पुकार उन्होंने अपने इबादत-ख़ाने (मेहराब) में रात के सन्नाटे में की, क्योंकि रात का वक़्त दुआ की क़बूलियत के लिए बहुत अफ़ज़ल होता है।
उन्होंने जान-बूझकर अपनी दुआ को छिपाया, ताकि यह दुआ ख़ालिस अल्लाह के लिए हो और उसमें किसी तरह का दिखावा (रिया) न मिले। गुप्त दुआ इंसान के ईमान की गहराई को दर्शाती है, क्योंकि जब बंदा अकेले में अपने रब से बात करता है, तो उसका भरोसा और इख़्लास ज़्यादा मज़बूत होता है।
यहाँ एक बड़ी सीख है कि दुआ में इख़्लास (शुद्ध नियत) सबसे ज़रूरी है। अल्लाह तआला उस बंदे की दुआ को बहुत पसंद करता है जो उसे पूरे यक़ीन और विनम्रता के साथ पुकारता है, चाहे वह पुकार कितनी ही धीमी क्यों न हो।
हज़रत ज़करिय्या (अलैहिस्सलाम) ने इस तरह दुआ की कि उनकी उम्र ढल चुकी थी और उनके पास कोई औलाद नहीं थी, लेकिन उन्होंने अल्लाह की रहमत से कभी निराश नहीं हुए। यह हमें सिखाता है कि हमें हर हाल में अल्लाह से उम्मीद रखनी चाहिए और अपनी ज़रूरतों को उसी के सामने पेश करना चाहिए, क्योंकि वही सब कुछ करने पर क़ादिर है।
यह दुआ का आदाब भी सिखाती है कि इंसान चाहे तो अपनी दुआ को छिपाकर रखे, क्योंकि इससे दुआ में सच्चाई और गहराई आती है, और अल्लाह के करीब होने का एहसास बढ़ता है। अल्लाह तआला अपने बंदे की हर पुकार सुनता है, चाहे वह कितनी ही धीमी क्यों न हो, और वह अपने बंदे की दुआ को कभी रद्द नहीं करता।
इस आयत से हमें यह भी सबक मिलता है कि जब हम किसी मुश्किल में हों, तो अल्लाह से गुहार लगाएं, उस पर भरोसा रखें, और उसकी रहमत से कभी मायूस न हों। अल्लाह तआला अपने नेक बंदों की दुआएं ज़रूर क़बूल करता है और उन्हें उनकी मेहनत और सब्र का अच्छा बदला देता है।
📜 आयत 1-5 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 3
सूरा मरियम आयत 3 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि जब ज़करिया ने अपने परवरदिगार को धीमी आवाज़ से…सूरा आयत 3/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


