अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَثَلُهُمْ: उनकी मिसाल या स्थिति।
- اسْتَوْقَدَ: आग जलाई।
- أَضَاءَتْ: रोशन कर दी।
- ذَهَبَ اللَّهُ بِنُورِهِمْ: अल्लाह ने उनका नूर (रोशनी) छीन लिया।
- ظُلُمَاتٍ: अंधेरे (बहुवचन, गहरे अंधेरे)।
- لَا يُبْصِرُونَ: वे देख नहीं सकते।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत मुनाफ़िक़ीन (दिखावटी ईमान लाने वालों) की हालत को बयान करती है। अल्लाह तआला ने उनकी मिसाल एक ऐसे व्यक्ति से दी है जिसने अंधेरी रात में आग जलाई। जब आग ने अपने आस-पास को रोशन कर दिया और उसे लगा कि अब उसे रास्ता मिल गया है, तो अचानक अल्लाह ने उसकी रोशनी छीन ली और उसे गहरे अंधेरों में छोड़ दिया, जहाँ वह कुछ भी नहीं देख सकता।
यही हाल मुनाफ़िक़ों का है—उन्होंने ज़ुबान से ईमान का दावा किया, जिससे उन्हें कुछ दुनियावी फ़ायदे मिले (जैसे मुसलमानों के साथ मिलकर सुरक्षा और इज़्ज़त), लेकिन उनके दिलों में कुफ़्र और इनकार था। जब आख़िरत का दिन आएगा, तो उनका यह दिखावटी ईमान उन्हें कोई नुसरत नहीं देगा। अल्लाह उनके इस नूर को छीन लेगा और वे हिदायत की रोशनी से महरूम होकर गुमराही के अंधेरों में भटकते रह जाएँगे।
इस मिसाल में एक और नुक़्ता है: जिस तरह आग जलाने वाले को रोशनी के साथ-साथ जलने का ख़तरा भी होता है, उसी तरह मुनाफ़िक़ों का ईमान का दिखावा उन्हें दुनिया में तो कुछ फ़ायदा देता है, लेकिन आख़िरत में यही उनके लिए अज़ाब का सबब बनेगा। वे न तो सच्चे मोमिनों की तरह हिदायत की रोशनी पा सके, और न ही काफ़िरों की तरह साफ़-साफ़ अपने कुफ़्र पर क़ायम रहे—बल्कि वे दोनों के बीच झूलते रहे, और आख़िरकार अंधेरे ही उनका मुक़द्दर बने।
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान सिर्फ़ ज़ुबान का दावा नहीं, बल्कि दिल की गहराई से अल्लाह और उसके रसूल ﷺ पर यक़ीन और उस पर अमल है। अल्लाह उन लोगों को रोशनी देता है जो सच्चे दिल से उसकी तरफ़ रुजू करते हैं, और जो लोग धोखे और दिखावे की ज़िंदगी जीते हैं, उन्हें अंधेरों में छोड़ देता है। हमें चाहिए कि अपने ईमान को सच्चाई और अमल से मज़बूत करें, ताकि अल्लाह की रोशनी हमारे दिलों में हमेशा क़ायम रहे और हम क़ियामत के दिन उस रोशनी के साथ उठें।
📜 आयत 15-19 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 17
सूरा अल-बकरा आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उन लोगों की मिसाल (तो) उस शख्स की सी है…सूरा आयत 17/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








