Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- صُمٌّ (सुम्मुन): बहरे, जो सत्य की बात सुनकर भी उसे स्वीकार न करें।
- بُكْمٌ (बुक्मुन): गूँगे, जो सत्य बोल न सकें।
- عُمْيٌ (उम्युन): अंधे, जिन्हें हिदायत का नूर (प्रकाश) न दिखाई दे।
- لَا يَرْجِعُونَ (ला यर्जिऊन): वे (अपनी गलती से) बाज़ नहीं आते, सत्य की ओर लौटते नहीं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ये मुनाफ़िक़ (कपटी) लोग सत्य की बात सुनते तो हैं, लेकिन उसे समझने और क़बूल करने की नीयत से नहीं सुनते, इसलिए वे बहरों की तरह हैं। वे सत्य को अपनी ज़ुबान पर नहीं लाते, न ही उसका प्रचार करते हैं, इसलिए वे गूँगों की तरह हैं। और वे हिदायत के रास्ते को देखकर भी उसे पहचान नहीं पाते, क्योंकि उनके दिलों की आँखें बंद हैं, इसलिए वे अंधों की तरह हैं। इन तीनों विशेषताओं के कारण वे अपनी गुमराही से बाज़ नहीं आते और सत्य की ओर कभी लौटते नहीं। उन्होंने हक़ को छोड़कर बातिल (झूठ) को अपना लिया है, और यही उनकी सबसे बड़ी भूल है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- यह आयत हमें सिखाती है कि सिर्फ़ कानों से सुनना काफ़ी नहीं, बल्कि दिल से सुनना और समझना ज़रूरी है। अल्लाह का कलाम सुनकर उस पर अमल करना चाहिए।
- सत्य को छिपाना और न बोलना गूँगेपन की मिसाल है। एक मुसलमान को चाहिए कि वह हक़ की गवाही दे और उसे फैलाए।
- अंधापन सिर्फ़ आँखों का नहीं, बल्कि दिल का अंधापन भी होता है। जो दिल हिदायत के नूर से रोशन न हो, वह सबसे बड़ा अंधा है।
- यह आयत हमें आगाह करती है कि अगर इंसान जानबूझकर सत्य को न माने, तो उसका दिल धीरे-धीरे सख्त हो जाता है और वह सत्य की ओर लौटने की तौफ़ीक़ (ताक़त) खो देता है। इसलिए हमें हमेशा दुआ करनी चाहिए कि अल्लाह हमें सुनने, बोलने और देखने की सही तौफ़ीक़ दे।
- इस आयत से हमें यह भी सबक मिलता है कि हम अपने दिल को साफ़ रखें, क्योंकि साफ़ दिल ही सत्य को क़बूल करता है और उस पर अमल करता है।
📜 आयत 16-20 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 18
सूरा अल-बकरा आयत 18 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : कि अब उन्हें कुछ सुझाई नहीं देता ये लोग बहरे…सूरा आयत 18/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 16–20. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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