ताहा · 20/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
فَأَلْقَاهَا فَإِذَا هِيَ حَيَّةٌ تَسْعَىٰ ۝٢٠
Fa-alqaahaa fa -izaa hiya haiyatun tas`aa
📖 हिंदी अर्थ
तो फ़ौरन वह साँप बनकर दौड़ने लगा (ये देखकर मूसा भागे)

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَأَلْقَاهَا: उन्होंने (मूसा अलैहिस्सलाम ने) उसे (अपनी लाठी को) डाल दिया।
  • حَيَّةٌ: साँप (एक बड़ा साँप)।
  • تَسْعَى: तेज़ी से चलना, दौड़ना (अपने पेट के बल तेज़ी से चलना)।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम को अपनी लाठी ज़मीन पर डालने का हुक्म दिया, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के उसे डाल दिया। जैसे ही लाठी ज़मीन पर पड़ी, अल्लाह के क़ुदरत (शक्ति) से वह एक बड़े, तेज़ चलने वाले साँप में बदल गई, जो बड़ी तेज़ी और फुर्ती से इधर-उधर दौड़ रहा था। यह दृश्य देखकर हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम हैरान रह गए और स्वाभाविक रूप से उन्हें डर लगा, वे पीछे हटने लगे। यह अल्लाह की महान शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण था कि वह निर्जीव लाठी को भी जीवित प्राणी में बदल सकता है। यह घटना मूसा अलैहिस्सलाम के लिए एक बड़ा मोड़ थी, क्योंकि इसी से उन्हें अपने रब की तरफ से नबुव्वत (पैग़म्बरी) का पहला मो'जिज़ा (चमत्कार) मिला।

दावती पहलू:

यह घटना हमें अल्लाह की असीम शक्ति पर यक़ीन करना सिखाती है। जिस अल्लाह ने एक बेजान लाठी को ज़िंदा साँप बना दिया, वह हर चीज़ पर क़ादिर (सक्षम) है। हमें चाहिए कि हम अपने जीवन की हर मुश्किल में अल्लाह पर भरोसा रखें, क्योंकि वही है जो नामुमकिन को मुमकिन बना देता है। यह भी सबक है कि अल्लाह के हुक्म को बिना किसी देर के मानना चाहिए, जैसे मूसा अलैहिस्सलाम ने बिना किसी सवाल के लाठी डाल दी। अल्लाह अपने बंदों की मदद करता है जब वे उसकी ओर पूरी तरह रुजू (रुख) करते हैं। यह ईमान की ताक़त है कि इंसान अल्लाह के हर फ़ैसले पर राज़ी रहे और उसकी क़ुदरत के आगे सर झुकाए। यही सच्ची बंदगी है, और यही रास्ता हमें दुनिया और आख़िरत की कामयाबी तक पहुँचाता है।



📜 आयत 18-22 — ताहा

18قَالَ هِيَ عَصَايَ أَتَوَكَّأُ عَلَيْهَا وَأَهُشُّ بِهَا عَلَىٰ غَنَمِي وَلِيَ فِيهَا مَآرِبُ أُخْرَىٰ
अर्ज़ की ये तो मेरी लाठी है मैं उस पर सहारा करता हूँ और इससे अपनी बकरियों पर (और दरख्तों की) पत्तियाँ झाड़ता हूँ और उसमें मेरे और भी मतलब हैं
19قَالَ أَلْقِهَا يَا مُوسَىٰ
फ़रमाया ऐ मूसा उसको ज़रा ज़मीन पर डाल तो दो मूसा ने उसे डाल दिया
20فَأَلْقَاهَا فَإِذَا هِيَ حَيَّةٌ تَسْعَىٰ
तो फ़ौरन वह साँप बनकर दौड़ने लगा (ये देखकर मूसा भागे)
21قَالَ خُذْهَا وَلَا تَخَفْ ۖ سَنُعِيدُهَا سِيرَتَهَا الْأُولَىٰ
तो फ़रमाया कि तुम इसको पकड़ लो और डरो नहीं मैं अभी इसकी पहली सी सूरत फिर किए देता हूँ
22وَاضْمُمْ يَدَكَ إِلَىٰ جَنَاحِكَ تَخْرُجْ بَيْضَاءَ مِنْ غَيْرِ سُوءٍ آيَةً أُخْرَىٰ
और अपने हाथ को समेंट कर अपने बग़ल में तो कर लो (फिर देखो कि) वह बग़ैर किसी बीमारी के सफेद चमकता दमकता हुआ निकलेगा ये दूसरा मौजिज़ा है
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीRevelation
20आयत

अनुवाद — ताहा 20

सूरा ताहा आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो फ़ौरन वह साँप बनकर दौड़ने लगा (ये देखकर मूसा…

सूरा आयत 20/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए