Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَلْقِهَا (अल्क़िहा): इसे डाल दो, फेंक दो।
- يَا مُوسَى (या मूसा): हे मूसा! (अल्लाह का प्यारा नबी)
तफ़सीर (व्याख्या):
जब अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) को पवित्र घाटी 'तुवा' में नबुव्वत का मान दिया और उन्हें अपनी महान शक्तियों के कुछ नमूने दिखाने का इरादा किया, तो उनसे पूछा गया कि तुम्हारे दाहिने हाथ में क्या है? हज़रत मूसा ने उत्तर दिया कि यह मेरी लाठी है, जिस पर मैं टेक लगाता हूँ, और उससे अपनी बकरियों के लिए पत्ते झाड़ता हूँ, और मेरे कई और भी काम हैं।
तब अल्लाह तआला ने फरमाया: "हे मूसा! इस लाठी को डाल दो।" यह एक आदेश था, जो मूसा (अलैहिस्सलाम) के लिए अल्लाह की क़ुदरत का एक अद्भुत नज़ारा दिखाने का ज़रिया बना। जैसे ही उन्होंने लाठी ज़मीन पर डाली, वह अल्लाह के हुक्म से एक सजीव साँप बनकर तेज़ी से चलने लगी। यह दृश्य देखकर मूसा (अलैहिस्सलाम) को हल्का सा भय हुआ, लेकिन अल्लाह ने उन्हें तसल्ली दी और आगे फरमाया कि इसे पकड़ो और डरो नहीं, हम इसे फिर से लाठी बना देंगे।
इस आयत में अल्लाह तआला का यह आदेश दरअसल उस महान शक्ति की ओर इशारा है जो वह अपने नबियों को देता है। यह घटना हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) के लिए एक निशानी थी कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, और यही लाठी आगे चलकर फ़िरऔन के जादूगरों के जादू को मिट्टी में मिला देगी।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला जब किसी बंदे को कोई ज़िम्मेदारी देता है, तो उसे वह शक्ति और सहारा भी देता है जो उस काम के लिए ज़रूरी होता है। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की साधारण लाठी अल्लाह के हुक्म से एक करिश्मा बन गई। यह हमारे लिए सबक है कि हमारी कमज़ोरियाँ और साधारण चीज़ें भी अल्लाह के भरोसे पर बड़ी ताक़त बन सकती हैं। जब हम अल्लाह के हुक्म के आगे सर झुकाते हैं और उसकी मदद पर भरोसा करते हैं, तो वह हमारे लिए ऐसे रास्ते खोलता है जिनका हमने सोचा भी नहीं होता।
इसलिए हमें चाहिए कि हर काम में अल्लाह पर भरोसा रखें और उसके हुक्म को दिल से क़बूल करें। जिस तरह मूसा (अलैहिस्सलाम) ने बिना किसी हिचकिचाहट के अल्लाह का हुक्म माना और लाठी डाल दी, उसी तरह हमें भी अल्लाह के हुक्मों को बिना किसी शर्त के मानना चाहिए। यही ईमान की असली मिसाल है, और यही हमें दुनिया और आख़िरत में कामयाबी की राह दिखाता है।
📜 आयत 17-21 — सूरा ताहा
अनुवाद — ताहा 19
सूरा ताहा आयत 19 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फ़रमाया ऐ मूसा उसको ज़रा ज़मीन पर डाल तो दो…सूरा आयत 19/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 17–21. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा ताहा
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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