अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- خُذْهَا: इसे पकड़ लो।
- وَلَا تَخَفْ: और डरो मत।
- سَنُعِيدُهَا: हम इसे वापस लौटा देंगे।
- سِيرَتَهَا الْأُولَىٰ: अपनी पहली अवस्था (यानी लाठी) में।
तफ़सीर:
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी ज़मीन पर फेंकी, तो अल्लाह के इशारे से वह एक बड़ा साँप बन गई। यह देखकर मूसा (अलैहिस्सलाम) डर गए और पीछे हटने लगे। तब अल्लाह तआला ने उन्हें आश्वस्त करते हुए फ़रमाया: "इसे पकड़ लो और डरो मत।" यह अल्लाह की क़ुदरत का एक नमूना था, जो उन्हें दिखाया जा रहा था ताकि वे फ़िरऔन के सामने इस मो'जिज़े को पेश कर सकें। अल्लाह ने वादा किया कि जैसे ही वे इसे पकड़ेंगे, यह फिर से अपनी पहली हालत यानी लाठी में वापस आ जाएगी। यह एक बड़ी तसल्ली और निशानी थी कि अल्लाह हर चीज़ पर क़ादिर है, और उसके हुक्म से चीज़ें अपनी असल हालत में लौट आती हैं।
यहाँ अल्लाह ने मूसा (अलैहिस्सलाम) को सिखाया कि जब अल्लाह किसी काम का हुक्म देता है, तो उस पर भरोसा रखना चाहिए और डरना नहीं चाहिए। डर सिर्फ़ अल्लाह से होना चाहिए, और जब अल्लाह ख़ुद कहे कि "डरो मत", तो मोमिन का दिल पूरी तरह से सुकून पा जाता है। यह वाक़िया हमें सिखाता है कि अल्लाह पर भरोसा करने वाले को कभी निराश नहीं होना पड़ता, और अल्लाह अपने बंदों की हिफ़ाज़त करता है।
इस आयत में एक और बात सीखने को मिलती है कि अल्लाह के मो'जिज़े उसकी क़ुदरत के दिखावे होते हैं, और वे बंदे को उसकी ताक़त और रहमत का एहसास कराते हैं। मूसा (अलैहिस्सलाम) के लिए यह एक अज़ीम तरबियत थी कि वे फ़िरऔन के सामने जाने से पहले अल्लाह की क़ुदरत को अपनी आँखों से देख लें, ताकि उनका दिल मज़बूत हो जाए और वे किसी से न डरें। यही वजह है कि अल्लाह ने उन्हें यह मो'जिज़ा दिखाया और फिर फ़रमाया कि इसे पकड़ो, क्योंकि यह तुम्हारे लिए एक निशानी है।
हमें भी अपनी ज़िंदगी में यह सबक लेना चाहिए कि जब अल्लाह किसी मुश्किल काम के लिए हमें तैयार करता है, तो वह हमें ताक़त और हिम्मत भी देता है। हमें सिर्फ़ उस पर भरोसा रखना है और उसके हुक्म के आगे सर झुकाना है। अल्लाह अपने बंदों को कभी अकेला नहीं छोड़ता, और हर मुश्किल में उनके साथ होता है। यही ईमान की असली रूह है — कि अल्लाह पर पूरा यक़ीन रखो, और उसके वादों पर भरोसा करो।
📜 आयत 19-23 — ताहा
अनुवाद — ताहा 21
सूरा ताहा आयत 21 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो फ़रमाया कि तुम इसको पकड़ लो और डरो नहीं…सूरा आयत 21/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 19–23. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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