ताहा · 48/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
إِنَّا قَدْ أُوحِيَ إِلَيْنَا أَنَّ الْعَذَابَ عَلَىٰ مَن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ ۝٤٨
Innaa qad oohiya ilainaaa annnal `azaaba `alaa man kaz zaba wa tawalla
📖 हिंदी अर्थ
हमारे पास खुदा की तरफ से ये ''वही'' नाज़िल हुईहै कि यक़ीनन अज़ाब उसी शख्स पर है जो (खुदा की आयतों को) झुठलाए

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كَذَّبَ: झुठलाया, अस्वीकार किया
  • تَوَلَّىٰ: मुँह मोड़ा, विमुख हुआ, उपेक्षा की

विस्तृत तफ़सीर:

अल्लाह तआला ने हज़रत मूसा और हारून (अलैहिमुस्सलाम) को फ़िरऔन के पास जाने का आदेश दिया और उन्हें यह बात बताई कि उन्हें जो वह़ी (प्रकाशना) दी गई है, उसमें यह स्पष्ट कर दिया गया है कि अल्लाह का अज़ाब (दंड) उन्हीं लोगों पर आएगा जो अल्लाह की आयतों और उसके रसूलों के संदेश को झुठलाएँ और उससे मुँह मोड़ लें। यानी जो लोग सत्य को सुनकर भी उसे न मानें और उसका अनुसरण करने से इनकार कर दें, उनके लिए दुनिया और आख़िरत दोनों में दर्दनाक अज़ाब है।

यह आयत हमें एक बहुत बड़ी सच्चाई से अवगत कराती है कि अल्लाह का दंड किसी की जाति, रंग, या पद को देखकर नहीं आता, बल्कि वह उन लोगों के लिए है जो हक़ (सत्य) को जानने के बाद भी उसे झुठलाते हैं और उससे विमुख हो जाते हैं। यह अल्लाह की ओर से एक स्पष्ट चेतावनी है कि सत्य का इनकार और उससे पलायन इंसान को अल्लाह के क्रोध का पात्र बना देता है।

इस आयत में एक गहरा संदेश है कि अल्लाह तआला अपने बंदों पर बहुत दयालु है। उसने अपने रसूलों को भेजकर लोगों को सीधा रास्ता दिखाया और उन्हें आगाह किया कि अज़ाब से बचने का एक ही रास्ता है—ईमान लाना और सत्य का अनुसरण करना। जो लोग इस दयालुता का सम्मान करते हैं और रहमत के दरवाज़े पर दस्तक देते हैं, उनके लिए अल्लाह की ओर से माफ़ी और जन्नत की खुशखबरी है।

प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि हमें अपने जीवन में सत्य को अपनाने में कभी देर नहीं करनी चाहिए। जब हमारे पास हिदायत (मार्गदर्शन) आ जाए, तो हमें तुरंत उसे क़बूल करना चाहिए और उस पर अमल करना चाहिए। अल्लाह का अज़ाब उन्हीं के लिए है जो जानबूझकर सत्य को नकारते हैं और उससे मुँह मोड़ते हैं। लेकिन जो लोग तौबा कर लें और ईमान ले आएँ, अल्लाह उन्हें माफ़ कर देने वाला और बहुत दयालु है। आइए, हम सब अपने जीवन को अल्लाह की राह पर चलाएँ और उसके अज़ाब से बचकर उसकी रहमत के हक़दार बनें।



📜 आयत 46-50 — ताहा

46قَالَ لَا تَخَافَا ۖ إِنَّنِي مَعَكُمَا أَسْمَعُ وَأَرَىٰ
फ़रमाया तुम डरो नहीं मैं तुम्हारे साथ हूँ (सब कुछ) सुनता और देखता हूँ
47فَأْتِيَاهُ فَقُولَا إِنَّا رَسُولَا رَبِّكَ فَأَرْسِلْ مَعَنَا بَنِي إِسْرَائِيلَ وَلَا تُعَذِّبْهُمْ ۖ قَدْ جِئْنَاكَ بِآيَةٍ مِّن رَّبِّكَ ۖ وَالسَّلَامُ عَلَىٰ مَنِ اتَّبَعَ الْهُدَىٰ
ग़रज़ तुम दोनों उसके पास जाओ और कहो कि हम आप के परवरदिगार के रसूल हैं तो बनी इसराइल को हमारे साथ भेज दीजिए और उन्हें सताइए नहीं हम आपके पास आपके परवरदिगार का मौजिज़ा लेकर आए हैं और जो राहे रास्त की पैरवी करे उसी के लिए सलामती है
48إِنَّا قَدْ أُوحِيَ إِلَيْنَا أَنَّ الْعَذَابَ عَلَىٰ مَن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ
हमारे पास खुदा की तरफ से ये ''वही'' नाज़िल हुईहै कि यक़ीनन अज़ाब उसी शख्स पर है जो (खुदा की आयतों को) झुठलाए
49قَالَ فَمَن رَّبُّكُمَا يَا مُوسَىٰ
और उसके हुक्म से मुँह मोड़े (ग़रज़ गए और कहा) फिरऔन ने पूछा ऐ मूसा आख़िर तुम दोनों का परवरदिगार कौन है
50قَالَ رَبُّنَا الَّذِي أَعْطَىٰ كُلَّ شَيْءٍ خَلْقَهُ ثُمَّ هَدَىٰ
मूसा ने कहा हमारा परवरदिगार वह है जिसने हर चीज़ को उसके (मुनासिब) सूरत अता फरमाई
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीRevelation
48आयत

अनुवाद — ताहा 48

सूरा ताहा आयत 48 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : हमारे पास खुदा की तरफ से ये ''वही'' नाज़िल हुईहै…

सूरा आयत 48/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 46–50. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए