ताहा · 49/135
अनुवाद उच्चारण — सूरा ताहा
قَالَ فَمَن رَّبُّكُمَا يَا مُوسَىٰ ۝٤٩
Qaala famar Rabbu kumaa yaa Moosa
📖 हिंदी अर्थ
और उसके हुक्म से मुँह मोड़े (ग़रज़ गए और कहा) फिरऔन ने पूछा ऐ मूसा आख़िर तुम दोनों का परवरदिगार कौन है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • رَبّ: पालनहार, स्वामी, प्रभु
  • رَبُّكُمَا: तुम दोनों का पालनहार (मूसा और हारून का)

तफ़सीर:

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और हज़रत हारून (अलैहिस्सलाम) फ़िरऔन के पास पहुँचे और उसे अल्लाह का पैग़ाम सुनाया, तो फ़िरऔन ने अहंकार और इनकार के साथ उनसे पूछा: "तो तुम दोनों का रब कौन है, ऐ मूसा?"

फ़िरऔन ने पहले दोनों को सम्बोधित किया, फिर विशेष रूप से हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) का नाम लेकर पुकारा, क्योंकि मूसा (अलैहिस्सलाम) ही मूल रूप से पैग़म्बर थे और हारून (अलैहिस्सलाम) उनके सहायक और समर्थक थे। फ़िरऔन का यह प्रश्न उपहास और इनकार की शैली में था, क्योंकि वह स्वयं को "रब-ए-आला" (सबसे बड़ा स्वामी) कहता था और अपनी प्रजा से यही कहता था कि मैं तुम्हारा सबसे ऊँचा रब हूँ। उसने यह प्रश्न इसलिए किया ताकि मूसा (अलैहिस्सलाम) को शर्मिंदा कर सके और लोगों के सामने उन्हें बेनक़ाब कर सके।

यह प्रश्न दरअसल फ़िरऔन की उस मानसिकता को दर्शाता है जो सत्ता और अहंकार के नशे में चूर होकर अल्लाह की रूबूबियत (पालनहार होने) को चुनौती देती है। फ़िरऔन ने सोचा कि वह अपने प्रश्न से मूसा (अलैहिस्सलाम) को घेर लेगा, लेकिन उसे यह नहीं पता था कि सच्चाई का सामना करने पर उसका झूठा दावा ध्वस्त हो जाएगा।

इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सत्य के प्रचारकों को हमेशा साहस और धैर्य के साथ सामना करना चाहिए, चाहे सामने कितना ही बड़ा ज़ालिम और सत्ताधारी क्यों न हो। अल्लाह के पैग़म्बरों ने कभी भी सत्ता के आगे घुटने नहीं टेके, बल्कि सच्चाई को बयान करने में किसी भी प्रकार का भय नहीं रखा। यही वह रास्ता है जो अल्लाह के नज़दीक सबसे प्यारा है — सत्य पर स्थिर रहना और अल्लाह पर भरोसा रखना, क्योंकि अल्लाह ही असली मालिक और पालनहार है, और वही अपने सच्चे बन्दों की मदद करता है।



📜 आयत 47-51 — सूरा ताहा

47فَأْتِيَاهُ فَقُولَا إِنَّا رَسُولَا رَبِّكَ فَأَرْسِلْ مَعَنَا بَنِي إِسْرَائِيلَ وَلَا تُعَذِّبْهُمْ ۖ قَدْ جِئْنَاكَ بِآيَةٍ مِّن رَّبِّكَ ۖ وَالسَّلَامُ عَلَىٰ مَنِ اتَّبَعَ الْهُدَىٰ
ग़रज़ तुम दोनों उसके पास जाओ और कहो कि हम आप के परवरदिगार के रसूल हैं तो बनी इसराइल को हमारे साथ भेज दीजिए और उन्हें सताइए नहीं हम आपके पास आपके परवरदिगार का मौजिज़ा लेकर आए हैं और जो राहे रास्त की पैरवी करे उसी के लिए सलामती है
48إِنَّا قَدْ أُوحِيَ إِلَيْنَا أَنَّ الْعَذَابَ عَلَىٰ مَن كَذَّبَ وَتَوَلَّىٰ
हमारे पास खुदा की तरफ से ये ''वही'' नाज़िल हुईहै कि यक़ीनन अज़ाब उसी शख्स पर है जो (खुदा की आयतों को) झुठलाए
49قَالَ فَمَن رَّبُّكُمَا يَا مُوسَىٰ
और उसके हुक्म से मुँह मोड़े (ग़रज़ गए और कहा) फिरऔन ने पूछा ऐ मूसा आख़िर तुम दोनों का परवरदिगार कौन है
50قَالَ رَبُّنَا الَّذِي أَعْطَىٰ كُلَّ شَيْءٍ خَلْقَهُ ثُمَّ هَدَىٰ
मूसा ने कहा हमारा परवरदिगार वह है जिसने हर चीज़ को उसके (मुनासिब) सूरत अता फरमाई
51قَالَ فَمَا بَالُ الْقُرُونِ الْأُولَىٰ
फिर उसी ने ज़िन्दगी बसर करने के तरीक़े बताए फिरऔन ने पूछा भला अगले लोगों का हाल (तो बताओ) कि क्या हुआ
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीअवतरण स्थान
49आयत

अनुवाद — ताहा 49

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सूरा आयत 49/135 — सूरा ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा ताहा सुनें, सूरा ताहा अनुवाद, सूरा ताहा mp3, सूरा ताहा pdf. आयत 47–51. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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