अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- إِمَّا – या तो, दो चीज़ों में से एक का चयन।
- تُلْقِيَ – तुम डालो (अपनी लाठी)।
- أَوَّلَ مَنْ أَلْقَى – सबसे पहले डालने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और फ़िरऔन के जादूगरों के बीच मुक़ाबले का समय आया, तो जादूगरों ने बड़े अदब और एहतिराम के साथ हज़रत मूसा से कहा: "ऐ मूसा! आप चाहें तो पहले अपनी लाठी डालें, या हम पहले डालते हैं।" यानी उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) को इख़्तियार दिया कि वे जो चाहें चुन लें। यह उनका शिष्टाचार और आत्मविश्वास दर्शाता है, क्योंकि वे अपने जादू में महारत रखते थे और उन्हें पूरा यक़ीन था कि वे जीत जाएंगे।
यहाँ से हमें सीख मिलती है कि बातचीत में अदब और नर्मी होनी चाहिए, चाहे मुक़ाबला ही क्यों न हो। जादूगरों ने भले ही झूठ के साथी थे, लेकिन उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) से बात करने का सलीक़ा इस्तेमाल किया। अल्लाह तआला ने इस घटना को क़ुरआन में इसलिए बयान किया ताकि हम सीखें कि हर हाल में अच्छे अख़्लाक़ और अदब से पेश आना चाहिए।
इस आयत में एक और बात पैग़ाम है कि सच्चाई के सामने झूठ चाहे कितना भी ताक़तवर क्यों न हो, उसे हारना ही होता है। जादूगरों ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी की थी, लेकिन जब अल्लाह की तरफ से सच्चाई आई, तो उनका सारा जादू बेकार हो गया। यह हमारे लिए सबक़ है कि हमेशा सच्चाई और हक़ के साथ रहें, क्योंकि अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है।
और जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी डाली, तो वह एक अज़ीम मु'जिज़ा (चमत्कार) बनकर सामने आई, जिसने जादूगरों के सारे जादू को निगल लिया। यह अल्लाह की क़ुदरत का नज़ारा था, जिसने जादूगरों के दिलों में ईमान की रोशनी डाल दी और वे सजदे में गिर पड़े। यही अल्लाह का वादा है कि हक़ (सच्चाई) बातिल (झूठ) पर हमेशा ग़ालिब आती है।
इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि इंसान को अपने काम में पूरा भरोसा और हिम्मत रखनी चाहिए, लेकिन साथ ही अल्लाह पर तवक्कुल (भरोसा) करना चाहिए। जादूगरों ने अपनी ताक़त पर भरोसा किया, लेकिन अल्लाह ने दिखा दिया कि असली ताक़त सिर्फ़ उसी के हाथ में है। हमें भी चाहिए कि अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के दीन को ऊपर उठाने के लिए कोशिश करें और यक़ीन रखें कि अल्लाह हमारी मदद ज़रूर करेगा।
📜 आयत 63-67 — ताहा
अनुवाद — ताहा 65
सूरा ताहा आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ जादूगरों ने कहा (ऐ मूसा) या तो तुम ही…सूरा आयत 65/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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