ताहा · 65/135
अनुवाद उच्चारण — ताहा
قَالُوا يَا مُوسَىٰ إِمَّا أَن تُلْقِيَ وَإِمَّا أَن نَّكُونَ أَوَّلَ مَنْ أَلْقَىٰ ۝٦٥
Qaaloo yaa Moosaaa immaaa an tulqiya wa immaaa an nakoona awala man alqaa
📖 हिंदी अर्थ
ग़रज़ जादूगरों ने कहा (ऐ मूसा) या तो तुम ही (अपने जादू) फेंको और या ये कि पहले जो जादू फेंके वह हम ही हों
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • إِمَّا – या तो, दो चीज़ों में से एक का चयन।
  • تُلْقِيَ – तुम डालो (अपनी लाठी)।
  • أَوَّلَ مَنْ أَلْقَى – सबसे पहले डालने वाले।

तफ़सीर (व्याख्या):

जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) और फ़िरऔन के जादूगरों के बीच मुक़ाबले का समय आया, तो जादूगरों ने बड़े अदब और एहतिराम के साथ हज़रत मूसा से कहा: "ऐ मूसा! आप चाहें तो पहले अपनी लाठी डालें, या हम पहले डालते हैं।" यानी उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) को इख़्तियार दिया कि वे जो चाहें चुन लें। यह उनका शिष्टाचार और आत्मविश्वास दर्शाता है, क्योंकि वे अपने जादू में महारत रखते थे और उन्हें पूरा यक़ीन था कि वे जीत जाएंगे।

यहाँ से हमें सीख मिलती है कि बातचीत में अदब और नर्मी होनी चाहिए, चाहे मुक़ाबला ही क्यों न हो। जादूगरों ने भले ही झूठ के साथी थे, लेकिन उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) से बात करने का सलीक़ा इस्तेमाल किया। अल्लाह तआला ने इस घटना को क़ुरआन में इसलिए बयान किया ताकि हम सीखें कि हर हाल में अच्छे अख़्लाक़ और अदब से पेश आना चाहिए।

इस आयत में एक और बात पैग़ाम है कि सच्चाई के सामने झूठ चाहे कितना भी ताक़तवर क्यों न हो, उसे हारना ही होता है। जादूगरों ने अपनी तरफ से पूरी तैयारी की थी, लेकिन जब अल्लाह की तरफ से सच्चाई आई, तो उनका सारा जादू बेकार हो गया। यह हमारे लिए सबक़ है कि हमेशा सच्चाई और हक़ के साथ रहें, क्योंकि अल्लाह की मदद सच्चे लोगों के साथ होती है।

और जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी डाली, तो वह एक अज़ीम मु'जिज़ा (चमत्कार) बनकर सामने आई, जिसने जादूगरों के सारे जादू को निगल लिया। यह अल्लाह की क़ुदरत का नज़ारा था, जिसने जादूगरों के दिलों में ईमान की रोशनी डाल दी और वे सजदे में गिर पड़े। यही अल्लाह का वादा है कि हक़ (सच्चाई) बातिल (झूठ) पर हमेशा ग़ालिब आती है।

इस आयत से हमें यह भी सीख मिलती है कि इंसान को अपने काम में पूरा भरोसा और हिम्मत रखनी चाहिए, लेकिन साथ ही अल्लाह पर तवक्कुल (भरोसा) करना चाहिए। जादूगरों ने अपनी ताक़त पर भरोसा किया, लेकिन अल्लाह ने दिखा दिया कि असली ताक़त सिर्फ़ उसी के हाथ में है। हमें भी चाहिए कि अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के दीन को ऊपर उठाने के लिए कोशिश करें और यक़ीन रखें कि अल्लाह हमारी मदद ज़रूर करेगा।

🎧 सुनें

📜 आयत 63-67 — ताहा

63قَالُوا إِنْ هَٰذَانِ لَسَاحِرَانِ يُرِيدَانِ أَن يُخْرِجَاكُم مِّنْ أَرْضِكُم بِسِحْرِهِمَا وَيَذْهَبَا بِطَرِيقَتِكُمُ الْمُثْلَىٰ
(आख़िर) वह लोग बोल उठे कि ये दोनों यक़ीनन जादूगर हैं और चाहते हैं कि अपने जादू (के ज़ोर) से तुम लोगों को तुम्हारे मुल्क से निकाल बाहर करें और तुम्हारे अच्छे ख़ासे मज़हब को मिटा छोड़ें
64فَأَجْمِعُوا كَيْدَكُمْ ثُمَّ ائْتُوا صَفًّا ۚ وَقَدْ أَفْلَحَ الْيَوْمَ مَنِ اسْتَعْلَىٰ
तो तुम भी खूब अपने चलत्तर (जादू वग़ैरह) दुरूस्त कर लो फिर परा (सफ़) बाँध के (उनके मुक़ाबले में) आ पड़ो और जो आज डर रहा हो वही फायज़ुलहराम रहा
65قَالُوا يَا مُوسَىٰ إِمَّا أَن تُلْقِيَ وَإِمَّا أَن نَّكُونَ أَوَّلَ مَنْ أَلْقَىٰ
ग़रज़ जादूगरों ने कहा (ऐ मूसा) या तो तुम ही (अपने जादू) फेंको और या ये कि पहले जो जादू फेंके वह हम ही हों
66قَالَ بَلْ أَلْقُوا ۖ فَإِذَا حِبَالُهُمْ وَعِصِيُّهُمْ يُخَيَّلُ إِلَيْهِ مِن سِحْرِهِمْ أَنَّهَا تَسْعَىٰ
मूसा ने कहा (मैं नहीं डालूँगा) बल्कि तुम ही पहले डालो (ग़रज़ उन्होंने अपने करतब दिखाए) तो बस मूसा को उनके जादू (के ज़ोर से) ऐसा मालूम हुआ कि उनकी रस्सियाँ और उनकी छड़ियाँ दौड़ रही हैं
67فَأَوْجَسَ فِي نَفْسِهِ خِيفَةً مُّوسَىٰ
तो मूसा ने अपने दिल में कुछ दहशत सी पाई
ताहाकुरान सूची
135आयत
मक्कीRevelation
65आयत

अनुवाद — ताहा 65

सूरा ताहा आयत 65 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ग़रज़ जादूगरों ने कहा (ऐ मूसा) या तो तुम ही…

सूरा आयत 65/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 63–67. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए