अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- فَأَجْمِعُوا كَيْدَكُمْ: अपनी चाल को मज़बूत और पुख्ता कर लो, उसमें किसी तरह का मतभेद न रखो।
- صَفًّا: एक पंक्ति में, कतारबद्ध होकर।
- أَفْلَحَ: सफल हुआ, कामयाब हुआ।
- اسْتَعْلَى: ऊपर हुआ, ग़ालिब आया, जीत गया।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी फेंकी और वह साँप बनकर सामने आई, तो जादूगरों ने देखा कि यह कोई आम जादू नहीं, बल्कि एक असाधारण चमत्कार है। उनके दिलों में खलबली मच गई और वे आपस में कानाफूसी करने लगे। फ़िरऔन ने उन्हें डाँटते हुए कहा कि तुम लोगों ने मुझसे वादा किया था कि तुम मूसा को हरा दोगे। अब तुम सब मिलकर अपनी सारी चालों को मज़बूत कर लो, उसमें कोई कमी या मतभेद न रखो, क्योंकि अगर तुममें थोड़ी सी भी फूट पड़ी तो तुम्हारी ताकत खत्म हो जाएगी। फिर एक साथ, एक ही पंक्ति में, एक साथ आगे बढ़ो और अपने जादू का सामान एक साथ फेंको, ताकि लोगों की नज़रों में तुम्हारा रुतबा बढ़े और उनके दिलों में तुम्हारी दहशत पैदा हो। फ़िरऔन ने उन्हें यह भी कहा कि आज उसी की जीत होगी जो अपने विरोधी पर ग़ालिब आएगा। उसका मकसद यह था कि जादूगरों को और भड़काए और उनमें जीत का जज़्बा पैदा करे।
यहाँ एक बहुत बड़ी सीख है कि बातिल (असत्य) की ताकत चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हो, वह आपसी इत्तिफ़ाक़ और एकता से ही काम करती है, लेकिन हक़ (सत्य) की ताकत अल्लाह की तरफ से होती है, जो कभी हारती नहीं। फ़िरऔन और उसके जादूगरों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी, लेकिन जब हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपनी लाठी फेंकी, तो उसने उनके सारे जादू को निगल लिया। यह अल्लाह की कुदरत का नमूना था कि सच्चाई झूठ पर हमेशा जीतती है।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि हमें अपने कामों में एकता और इत्तिफ़ाक़ रखना चाहिए, क्योंकि एकता में बरकत है। साथ ही, हमें यह भी यकीन रखना चाहिए कि अल्लाह की मदद उन्हीं को मिलती है जो सच्चाई पर डटे रहते हैं, चाहे बातिल की ताकत कितनी भी बड़ी क्यों न हो। आज के दौर में भी अगर हम मुसलमान एक हो जाएँ और अपने दिलों से अल्लाह का डर रखें, तो हमारी कमज़ोरी दूर हो सकती है और हम दुनिया में सच्चाई की बुलंदी का सबब बन सकते हैं।
📜 आयत 62-66 — ताहा
अनुवाद — ताहा 64
सूरा ताहा आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो तुम भी खूब अपने चलत्तर (जादू वग़ैरह) दुरूस्त कर…सूरा आयत 64/135 — ताहा طه (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: ताहा सुनें, ताहा अनुवाद, ताहा mp3, ताहा pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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