अल-अंबिया · 103/112
अनुवाद उच्चारण — अल-अंबिया
لَا يَحْزُنُهُمُ الْفَزَعُ الْأَكْبَرُ وَتَتَلَقَّاهُمُ الْمَلَائِكَةُ هَٰذَا يَوْمُكُمُ الَّذِي كُنتُمْ تُوعَدُونَ ۝١٠٣
Laa yahzunuhumul faza`ul akbaru wa tatalaq qaahumul malaaa`ikatu haazaa Yawmukumul lazee kuntum too`adoon
📖 हिंदी अर्थ
और उनको (क़यामत का) बड़े से बड़ा ख़ौफ़ भी दहशत में न लाएगा और फ़रिश्ते उन से खुशी-खुशी मुलाक़ात करेंगे और ये खुशख़बरी देंगे कि यही वह तुम्हारा (खुशी का) दिन है जिसका (दुनिया में) तुमसे वायदा किया जाता था
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अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الْفَزَعُ الْأَكْبَرُ: सबसे बड़ी घबराहट और भय, जो क़ियामत के दिन हश्र के मैदान में पैदा होगा।
  • تَتَلَقَّاهُمُ: फ़रिश्ते उनका स्वागत करेंगे और उनसे मिलेंगे।
  • تُوعَدُونَ: जिसका वादा तुमसे किया गया था।

तफ़सीर:

यह आयत उन मोमिनों के लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की और उसके रास्ते पर चले। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि क़ियामत के दिन जब सबसे बड़ा भय और दहशत लोगों को घेर लेगा—जब आसमान तह-ब-तह हो जाएंगे, पहाड़ रूई की तरह उड़ेंगे, और हर इंसान अपने भाई, अपनी माँ, अपने बाप, अपनी बीवी और अपनी औलाद से भागेगा—उस वक़्त भी अल्लाह के नेक बंदे महफ़ूज़ होंगे। उन्हें न तो कोई ख़ौफ़ होगा और न ही कोई ग़म। वह बड़ी घबराहट उन्हें छू तक नहीं पाएगी, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें अपनी पनाह में ले लिया है।

फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब वह हश्र के मैदान से गुज़रेंगे, तो फ़रिश्ते उनका स्वागत करने के लिए आगे बढ़ेंगे और उन्हें मुबारकबाद देंगे। फ़रिश्ते उनसे कहेंगे: "यह वही दिन है जिसका वादा तुमसे दुनिया में किया गया था। यही वह दिन है जब तुम्हें जन्नत की नेअमतें मिलेंगी, जब तुम्हें अल्लाह की रहमत और उसकी रज़ा हासिल होगी।" यह स्वागत उनके लिए कितनी बड़ी इज़्ज़त और कितनी बड़ी ख़ुशी का ज़रिया होगा!

यह वही दिन है जब अल्लाह आसमान को इस तरह लपेटेगा जैसे कागज़ की चिट्ठी लपेटी जाती है, और सबको दोबारा उसी हालत में ज़िंदा करेगा जैसे उसने पहली बार पैदा किया था। यह अल्लाह का वादा है जो कभी टलने वाला नहीं। अल्लाह ने यह वादा अपने ऊपर लाज़िम कर लिया है, और वह हमेशा अपने वादे को पूरा करने वाला है।

प्यारे मोमिनों! यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की मुश्किलें और परेशानियाँ चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अल्लाह के वादे पर भरोसा रखने वालों के लिए आख़िरत में वह दिन ज़रूर आएगा जब सारे दर्द भुला दिए जाएंगे। जिसने दुनिया में अल्लाह की राह में सब्र किया, उसे उस दिन ऐसी इज़्ज़त मिलेगी कि फ़रिश्ते ख़ुद उसका स्वागत करेंगे। तो आओ, हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अल्लाह के वादों पर यक़ीन रखें, और उस दिन की तैयारी में लग जाएं जब हमें भी फ़रिश्तों की मुबारकबाद सुनने का मौक़ा मिले। यही सबसे बड़ी कामयाबी है!

🎧 सुनें

📜 आयत 101-105 — अल-अंबिया

101إِنَّ الَّذِينَ سَبَقَتْ لَهُم مِّنَّا الْحُسْنَىٰ أُولَٰئِكَ عَنْهَا مُبْعَدُونَ
ज़बान अलबत्ता जिन लोगों के वास्ते हमारी तरफ से पहले ही भलाई (तक़दीर में लिखी जा चुकी) वह लोग दोज़ख़ से दूर ही दूर रखे जाएँगे
102لَا يَسْمَعُونَ حَسِيسَهَا ۖ وَهُمْ فِي مَا اشْتَهَتْ أَنفُسُهُمْ خَالِدُونَ
(यहाँ तक) कि ये लोग उसकी भनक भी न सुनेंगे और ये लोग हमेशा अपनी मनमाँगी मुरादों में (चैन से) रहेंगे
103لَا يَحْزُنُهُمُ الْفَزَعُ الْأَكْبَرُ وَتَتَلَقَّاهُمُ الْمَلَائِكَةُ هَٰذَا يَوْمُكُمُ الَّذِي كُنتُمْ تُوعَدُونَ
और उनको (क़यामत का) बड़े से बड़ा ख़ौफ़ भी दहशत में न लाएगा और फ़रिश्ते उन से खुशी-खुशी मुलाक़ात करेंगे और ये खुशख़बरी देंगे कि यही वह तुम्हारा (खुशी का) दिन है जिसका (दुनिया में) तुमसे वायदा किया जाता था
104يَوْمَ نَطْوِي السَّمَاءَ كَطَيِّ السِّجِلِّ لِلْكُتُبِ ۚ كَمَا بَدَأْنَا أَوَّلَ خَلْقٍ نُّعِيدُهُ ۚ وَعْدًا عَلَيْنَا ۚ إِنَّا كُنَّا فَاعِلِينَ
(ये) वह दिन (होगा) जब हम आसमान को इस तरह लपेटेगे जिस तरह ख़तों का तूमार लपेटा जाता है जिस तरह हमने (मख़लूक़ात को) पहली बार पैदा किया था (उसी तरह) दोबारा (पैदा) कर छोड़ेगें (ये वह) वायदा (है जिसका करना) हम पर (लाज़िम) है और हम उसे ज़रूर करके रहेंगे
105وَلَقَدْ كَتَبْنَا فِي الزَّبُورِ مِن بَعْدِ الذِّكْرِ أَنَّ الْأَرْضَ يَرِثُهَا عِبَادِيَ الصَّالِحُونَ
और हमने तो नसीहत (तौरेत) के बाद यक़ीनन जुबूर में लिख ही दिया था कि रूए ज़मीन के वारिस हमारे नेक बन्दे होंगे
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अनुवाद — अल-अंबिया 103

सूरा अल-अंबिया आयत 103 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनको (क़यामत का) बड़े से बड़ा ख़ौफ़ भी दहशत…

सूरा आयत 103/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 101–105. हिंदी अर्थ: اردو.




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Tuesday, August 18, 2026

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