अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- الْفَزَعُ الْأَكْبَرُ: सबसे बड़ी घबराहट और भय, जो क़ियामत के दिन हश्र के मैदान में पैदा होगा।
- تَتَلَقَّاهُمُ: फ़रिश्ते उनका स्वागत करेंगे और उनसे मिलेंगे।
- تُوعَدُونَ: जिसका वादा तुमसे किया गया था।
तफ़सीर:
यह आयत उन मोमिनों के लिए सबसे बड़ी ख़ुशख़बरी है जिन्होंने दुनिया में अल्लाह की इबादत की और उसके रास्ते पर चले। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि क़ियामत के दिन जब सबसे बड़ा भय और दहशत लोगों को घेर लेगा—जब आसमान तह-ब-तह हो जाएंगे, पहाड़ रूई की तरह उड़ेंगे, और हर इंसान अपने भाई, अपनी माँ, अपने बाप, अपनी बीवी और अपनी औलाद से भागेगा—उस वक़्त भी अल्लाह के नेक बंदे महफ़ूज़ होंगे। उन्हें न तो कोई ख़ौफ़ होगा और न ही कोई ग़म। वह बड़ी घबराहट उन्हें छू तक नहीं पाएगी, क्योंकि अल्लाह ने उन्हें अपनी पनाह में ले लिया है।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जब वह हश्र के मैदान से गुज़रेंगे, तो फ़रिश्ते उनका स्वागत करने के लिए आगे बढ़ेंगे और उन्हें मुबारकबाद देंगे। फ़रिश्ते उनसे कहेंगे: "यह वही दिन है जिसका वादा तुमसे दुनिया में किया गया था। यही वह दिन है जब तुम्हें जन्नत की नेअमतें मिलेंगी, जब तुम्हें अल्लाह की रहमत और उसकी रज़ा हासिल होगी।" यह स्वागत उनके लिए कितनी बड़ी इज़्ज़त और कितनी बड़ी ख़ुशी का ज़रिया होगा!
यह वही दिन है जब अल्लाह आसमान को इस तरह लपेटेगा जैसे कागज़ की चिट्ठी लपेटी जाती है, और सबको दोबारा उसी हालत में ज़िंदा करेगा जैसे उसने पहली बार पैदा किया था। यह अल्लाह का वादा है जो कभी टलने वाला नहीं। अल्लाह ने यह वादा अपने ऊपर लाज़िम कर लिया है, और वह हमेशा अपने वादे को पूरा करने वाला है।
प्यारे मोमिनों! यह आयत हमें बताती है कि दुनिया की मुश्किलें और परेशानियाँ चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अल्लाह के वादे पर भरोसा रखने वालों के लिए आख़िरत में वह दिन ज़रूर आएगा जब सारे दर्द भुला दिए जाएंगे। जिसने दुनिया में अल्लाह की राह में सब्र किया, उसे उस दिन ऐसी इज़्ज़त मिलेगी कि फ़रिश्ते ख़ुद उसका स्वागत करेंगे। तो आओ, हम अपने ईमान को मज़बूत करें, अल्लाह के वादों पर यक़ीन रखें, और उस दिन की तैयारी में लग जाएं जब हमें भी फ़रिश्तों की मुबारकबाद सुनने का मौक़ा मिले। यही सबसे बड़ी कामयाबी है!
📜 आयत 101-105 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 103
सूरा अल-अंबिया आयत 103 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और उनको (क़यामत का) बड़े से बड़ा ख़ौफ़ भी दहशत…सूरा आयत 103/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 101–105. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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