अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- حَسِيسَهَا: इसका अर्थ है जहन्नम की आग की धीमी आवाज़, उसकी भयानक गर्जना और चिंगारियों की आवाज़।
- اشْتَهَتْ: चाहा, इच्छा की।
- خَالِدُونَ: हमेशा रहने वाले, सदैव स्थायी रूप से निवास करने वाले।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने नेक बंदों की उस महान नेमत और इज़्ज़त का वर्णन कर रहे हैं, जो उन्हें जन्नत में मिलेगी। जब ये मोमिनीन जन्नत में दाखिल होंगे, तो उन्हें जहन्नम की आग की आवाज़ तक नहीं सुनाई देगी। वे उस भयानक आवाज़ से पूरी तरह महफूज़ होंगे, जो गुनाहगारों के लिए दहशत और खौफ का सबब होगी। यह उनके लिए अल्लाह की तरफ से एक खास रहमत है कि उनके कानों तक जहन्नम की कोई आवाज़ नहीं पहुँचेगी, न उसकी लपटों की आवाज़, न उसमें जलने वालों की चीख-पुकार।
और वे उसी में होंगे जो उनकी आत्माएँ चाहेंगी — हर तरह के नेमत, आराम, खुशियाँ, स्वादिष्ट भोजन, खूबसूरत बाग़, और वो सब कुछ जो उनके दिलों को पसंद आए। वे उन नेमतों में हमेशा-हमेशा के लिए रहेंगे, कभी खत्म न होने वाली, कभी बदलने वाली नहीं। उनका सुख और आनंद सदैव बना रहेगा, और वे उसमें हमेशा के लिए ख़ालिद रहेंगे।
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह तआला अपने मोमिन बंदों से कितना प्यार करता है और उनके लिए कितनी बड़ी इज़्ज़त और नेमतें तैयार करके रखी हैं। जो लोग दुनिया में अल्लाह की इबादत करते हैं, उसके हुक्मों का पालन करते हैं और उसकी राह में सब्र करते हैं, उनके लिए यही अंजाम है — हमेशा की खुशियाँ और अल्लाह की रज़ा। यह हमारे लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है कि हम अपने जीवन को अल्लाह की रज़ा के अनुसार ढालें, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हों जिन्हें यह अज़ीम नेमत मिलेगी। अल्लाह हमें अपनी रहमत से इस मुकाम तक पहुँचाए — आमीन।
📜 आयत 100-104 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 102
सूरा अल-अंबिया आयत 102 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यहाँ तक) कि ये लोग उसकी भनक भी न सुनेंगे…सूरा आयत 102/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 100–104. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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