अल-मोमिनुन · 8/118
अनुवाद उच्चारण — अल-मोमिनुन
وَالَّذِينَ هُمْ لِأَمَانَاتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَاعُونَ ۝٨
Wallazeena hum li amaanaatihim wa `ahdihim raa`oon
📖 हिंदी अर्थ
और जो अपनी अमानतों और अपने एहद का लिहाज़ रखते हैं

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • अमानात (أمانات): वह सब कुछ जो किसी के पास अमानत (धरोहर) के रूप में रखा जाए, चाहे वह माल हो, इज़्ज़त हो, राज़ (रहस्य) हो या कोई और चीज़।
  • अहद (عهد): वादा, करार, संधि — चाहे वह अल्लाह से किया गया हो या इंसानों से।
  • राऊन (راعون): हिफ़ाज़त करने वाले, निगरानी रखने वाले, पूरा करने वाले।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला उन मोमिनिन की खूबियाँ बयान कर रहा है जो सच्चे ईमानवाले हैं। ऐसे लोग अपनी अमानतों को पूरी तरह से सँभालते हैं — चाहे वह अमानत अल्लाह की हो (जैसे नमाज़, रोज़ा, ज़कात, और दूसरे फ़राइज़) या बंदों की हो (जैसे कोई सामान, कोई राज़, या कोई ज़िम्मेदारी)। वे उसे हरगिज़ ख़यानत (धोखा) नहीं देते, बल्कि उसे उसी तरह अदा करते हैं जैसा कि उनसे उम्मीद की जाती है।

इसी तरह, वे अपने वादों और अहदों के पक्के होते हैं। जब किसी से वादा करते हैं तो उसे पूरा करते हैं, चाहे वह अल्लाह से किया गया अहद हो (जैसे ईमान लाने और उसकी इबादत करने का वादा) या इंसानों से किया गया (जैसे व्यापार, शादी, या कोई और मुआमला)। वे वादा ख़िलाफ़ी और अहद तोड़ने से बचते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि अल्लाह के नज़दीक अमानत और वादे की पूर्ति बहुत बड़ी नेकी है और उसका हिसाब क़यामत के दिन होगा।

यह खूबी उन लोगों की पहचान है जो सच्चे मोमिन हैं। अल्लाह तआला ने उन्हें फलाह (कामयाबी) की ख़ुशख़बरी दी है। याद रखिए! अमानत में ख़यानत और वादे की ख़िलाफ़ी मुनाफ़िक़ी की निशानी है, जबकि अमानत की हिफ़ाज़त और वादे की पूर्ति ईमान की निशानी है। हमें चाहिए कि अपनी ज़िंदगी के हर पहलू में — घर, दफ़्तर, दोस्तों, रिश्तेदारों और समाज के साथ — अमानतदारी और वादे की पूर्ति को अपना शिआर बनाएँ। यही वह रास्ता है जो हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत तक पहुँचाता है। अल्लाह हमें इस खूबी को अपनाने की तौफ़ीक़ दे। आमीन।



📜 आयत 6-10 — अल-मोमिनुन

6إِلَّا عَلَىٰ أَزْوَاجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَانُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ
मगर अपनी बीबियों से या अपनी ज़र ख़रीद लौनडियों से कि उन पर हरगिज़ इल्ज़ाम नहीं हो सकता
7فَمَنِ ابْتَغَىٰ وَرَاءَ ذَٰلِكَ فَأُولَٰئِكَ هُمُ الْعَادُونَ
पस जो शख्स उसके सिवा किसी और तरीके से शहवत परस्ती की तमन्ना करे तो ऐसे ही लोग हद से बढ़ जाने वाले हैं
8وَالَّذِينَ هُمْ لِأَمَانَاتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَاعُونَ
और जो अपनी अमानतों और अपने एहद का लिहाज़ रखते हैं
9وَالَّذِينَ هُمْ عَلَىٰ صَلَوَاتِهِمْ يُحَافِظُونَ
और जो अपनी नमाज़ों की पाबन्दी करते हैं
10أُولَٰئِكَ هُمُ الْوَارِثُونَ
(आदमी की औलाद में) यही लोग सच्चे वारिस है
अल-मोमिनुनकुरान सूची
118आयत
मक्कीRevelation
8आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 8

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Tuesday, August 18, 2026

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