अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ابْتَغَىٰ अर्थात चाहा, तलब किया।
- وَرَاءَ ذَٰلِكَ अर्थात उसके अलावा, उसके सिवा।
- الْعَادُونَ अर्थात हद से बढ़ने वाले, अत्याचारी, सीमा का उल्लंघन करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला ने इस आयत में मोमिनिन की उन खूबियों का ज़िक्र किया है जो उन्हें दूसरों से अलग करती हैं। पिछली आयतों में बताया गया कि मोमिन अपनी शर्मगाहों की हिफ़ाज़त करते हैं, सिवाय अपनी पत्नियों और अपनी मिल्कियत वाली लौंडियों (दासियों) के। अब इस आयत में फ़रमाया गया कि जो कोई इन दो श्रेणियों के अलावा किसी और से संभोग की इच्छा रखे — चाहे वह व्यभिचार हो, समलैंगिकता हो, या किसी भी प्रकार का अवैध संबंध हो — तो ऐसे लोग ही सीमा से आगे बढ़ने वाले हैं। वे अल्लाह द्वारा निर्धारित हलाल की हद को पार करके हराम की तरफ बढ़े, और अपने ऊपर अल्लाह की नाराज़गी और अज़ाब का सामान कर बैठे।
यह आयत इस्लाम के पाकीज़ा निज़ाम की तरफ इशारा करती है, जो इंसान की फ़ितरत के मुताबिक़ है। अल्लाह ने इंसान के लिए जायज़ रास्ते मुक़र्रर किए — निकाह और मिल्कियत — ताकि इंसान अपनी ज़रूरतें पाकीज़गी और इज़्ज़त के साथ पूरी करे। जो कोई इन सीमाओं से आगे बढ़ता है, वह न सिर्फ़ खुद को गुनाह में डालता है बल्कि समाज में बुराई, बीमारियों और तबाही का ज़रिया बनता है।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह ने हमारे लिए जो हलाल किया है, उसी में हमारी भलाई और खुशी है। अल्लाह की रहमत यह है कि उसने हमें पाकीज़ा रास्ता दिया — शादी — जो न सिर्फ़ ज़रूरत पूरी करता है बल्कि इबादत और सवाब का ज़रिया भी बनता है। जो शख्स अल्लाह की इन हदों का एहतिराम करता है, उसके लिए अल्लाह के पास बेहतरीन इनाम है। और जो इन हदों को तोड़ता है, वह दुनिया में भी बेचैनी और आख़िरत में अज़ाब का सामना करेगा। आओ हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की बताई हुई सीमाओं के अंदर रखें, ताकि हम दुनिया में सुकून और आख़िरत में जन्नत की नेअमतें हासिल कर सकें। अल्लाह हमें हलाल की बरकत दे और हराम से बचाए। आमीन।
📜 आयत 5-9 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 7
सूरा अल-मोमिनुन आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : पस जो शख्स उसके सिवा किसी और तरीके से शहवत…सूरा आयत 7/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








