अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَبَارَكَ: बहुत बरकत वाला, पवित्र और महान है।
- جَعَلَ لَكَ: आपके लिए बना दे।
- خَيْرًا: उससे बेहतर।
- جَنَّاتٍ: बाग़, बगीचे।
- تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ: जिनके नीचे नहरें बहती हों।
- قُصُورًا: ऊँचे महल।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला बहुत बरकत वाला और असीम दया करने वाला है। वही सब कुछ करने पर पूर्ण सामर्थ्य रखता है। जब कुछ लोगों ने आप (ﷺ) से कहा कि आप कोई चमत्कार दिखाएँ या दुनिया के ख़ज़ाने माँगें, तो अल्लाह ने आपको दिलासा दी कि अगर वह चाहे तो आपको उससे कहीं बेहतर चीज़ें इसी दुनिया में दे सकता है — ऐसे बाग़ जिनके नीचे नहरें बहती हों और ऊँचे-ऊँचे महल।
यह अल्लाह की महानता और करम की निशानी है कि वह अपने नबी को दुनिया की चीज़ों से भी बढ़कर नेमतें दे सकता है, लेकिन उसने आख़िरत की नेमतों को उनके लिए बेहतर रखा। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह पर भरोसा रखें और उसकी दी हुई चीज़ों पर संतुष्ट रहें। अल्लाह जब चाहता है, अपने बंदों को उनकी उम्मीद से बढ़कर देता है।
यह भी सबक है कि दुनिया की चीज़ें चाहे कितनी भी खूबसूरत हों, अल्लाह के पास उससे बेहतर चीज़ें हैं। हमें चाहिए कि हम अल्लाह से दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई माँगें, और याद रखें कि असली कामयाबी अल्लाह की रज़ा में है। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह के नबी (ﷺ) की शान बहुत ऊँची है, और अल्लाह ने उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में बड़ी नेमतें दीं। हमें चाहिए कि हम उनकी सुन्नत पर चलें और उनके बताए रास्ते पर साबित रहें। अल्लाह की रहमत और बरकतें असीम हैं — वह चाहे तो किसी को भी कम समय में बड़ी नेमतें दे सकता है। हमें उसकी तरफ़ ही अपना रुख़ रखना चाहिए।
📜 आयत 8-12 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 10
सूरा अल-फुरकान आयत 10 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा तो ऐसा बारबरकत है कि अगर चाहे तो (एक…सूरा आयत 10/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 8–12. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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