अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- السَّاعَةِ (अस-साआह): क़यामत, वह घड़ी जिसमें सभी प्राणियों का हिसाब होगा।
- أَعْتَدْنَا (अ'तदना): हमने तैयार कर रखा है।
- سَعِيرًا (सईरन): भड़कती हुई आग, जो बहुत तेज़ी से जलती है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस आयत में अल्लाह तआला अपने नबी ﷺ को दिलासा देते हुए फ़रमाते हैं कि ये लोग आपकी बात नहीं मानते, न इसलिए कि आपकी दलीलें कमज़ोर हैं या आपका पैग़ाम सच्चा नहीं, बल्कि इसका असली कारण यह है कि इन्होंने क़यामत के दिन को ही झुठला दिया है। यानी इनका इनकार सिर्फ़ आपसे नहीं, बल्कि अल्लाह की पूरी व्यवस्था से है। ये लोग उस दिन को नहीं मानते जब सभी अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब होगा, इसलिए इन्हें लगता है कि जो कुछ भी कर रहे हैं, उसका कोई नतीजा नहीं निकलेगा।
अल्लाह तआला फ़रमाते हैं कि हमने उन लोगों के लिए, जो क़यामत के दिन को झुठलाते हैं, एक ऐसी आग तैयार कर रखी है जो बहुत भड़की हुई और तेज़ लपटों वाली है। यह आग उन्हें अपनी लपटों में घेर लेगी और उनके लिए कोई राहत नहीं होगी। यह सज़ा उनके उस इनकार का नतीजा है जो उन्होंने अल्लाह के दीन और उसके रसूल के साथ किया।
दावती पहलू:
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी हक़ीक़त की याद दिलाती है कि क़यामत का दिन बिल्कुल सच है। जो लोग इस दिन पर ईमान रखते हैं, वे अपनी ज़िंदगी को संवारते हैं, अच्छे काम करते हैं और अल्लाह की रज़ा के लिए जीते हैं। लेकिन जो लोग इस दिन को भूल जाते हैं या झुठलाते हैं, वे अपनी ज़िंदगी को बर्बाद कर लेते हैं। अल्लाह तआला ने अपनी रहमत से हमें यह दुनिया दी है ताकि हम अच्छे काम करें और उसकी रहमत के हक़दार बनें। क़यामत का डर हमें बुराइयों से रोकता है और अच्छाइयों की तरफ ले जाता है। हमें चाहिए कि इस दिन पर पक्का ईमान रखें और अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की बताई हुई राह पर चलाएं, ताकि उस भड़कती आग से बच सकें और जन्नत की नेमतें पा सकें। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान है, उसने हमें मौका दिया है कि हम अपने कर्मों को सुधार लें और उसकी रहमत के साये में आ जाएं।
📜 आयत 9-13 — अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 11
सूरा अल-फुरकान आयत 11 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ये सब कुछ नहीं) बल्कि (सच यूँ है कि) उन…सूरा आयत 11/77 — अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-फुरकान सुनें, अल-फुरकान अनुवाद, अल-फुरकान mp3, अल-फुरकान pdf. आयत 9–13. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








