Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ظَهِيرًا: मददगार, सहायक, साथ देने वाला। यहाँ इसका अर्थ है कि काफिर शैतान का सहायक बन जाता है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इन सब दलीलों के बावजूद जो अल्लाह तआला की क़ुदरत (शक्ति) और उसकी नेमतों (अनुग्रहों) को साबित करती हैं, काफिर लोग अल्लाह को छोड़कर ऐसी चीज़ों की इबादत करते हैं जो न उन्हें कोई फायदा पहुँचा सकती हैं और न ही कोई नुकसान। वे ऐसे माबूदों (पूज्यों) के आगे सिर झुकाते हैं जिनमें न तो भलाई पहुँचाने की ताक़त है और न बुराई दूर करने की। अगर वे इनकी इबादत करें तो इनसे कोई लाभ नहीं मिलता, और अगर छोड़ दें तो कोई हानि नहीं होती। यह उनकी नासमझी और गुमराही की सबसे बड़ी निशानी है।
इसके बाद अल्लाह तआला फ़रमाता है कि काफिर अपने रब के मुक़ाबले में शैतान का मददगार बन जाता है। यानी वह शैतान का साथी और सहायक बनकर अल्लाह की नाफ़रमानी (अवज्ञा) में उसकी मदद करता है। शिर्क (बहुदेववाद) करके वह शैतान के काम को आगे बढ़ाता है और उसके नक्शे-क़दम पर चलता है। यह बहुत बड़ी बदक़िस्मती है कि इंसान अपने पालनहार के खिलाफ़ उसके दुश्मन का साथ दे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी में किसे अपना सहारा बनाते हैं। क्या हम उस अल्लाह पर भरोसा करते हैं जो सब कुछ कर सकता है, या फिर उन चीज़ों पर निर्भर रहते हैं जो न फायदा पहुँचा सकती हैं और न नुकसान? अल्लाह तआला ने हमें अक्ल दी है ताकि हम सही और गलत में फर्क कर सकें। वह हमें बुला रहा है कि हम सिर्फ उसी की इबादत करें, क्योंकि वही है जो सुनता है, देखता है, और हर मुश्किल में हमारी मदद कर सकता है। जो लोग उसे छोड़कर दूसरों के आगे झुकते हैं, वे न सिर्फ खुद को नुकसान पहुँचाते हैं बल्कि शैतान के साथी बनकर अपनी आख़िरत (परलोक) भी बर्बाद कर लेते हैं। आओ, हम अपने रब की तरफ लौटें और उसी के बताए रास्ते पर चलें, क्योंकि कामयाबी और खुशी सिर्फ उसी की इबादत में है।
📜 आयत 53-57 — सूरा अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 55
सूरा अल-फुरकान आयत 55 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और लोग (कुफ्फ़ारे मक्का) ख़ुदा को छोड़कर उस चीज़ की…सूरा आयत 55/77 — सूरा अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फुरकान सुनें, सूरा अल-फुरकान अनुवाद, सूरा अल-फुरकान mp3, सूरा अल-फुरकान pdf. आयत 53–57. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-फुरकान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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