Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الرُّوحُ الْأَمِينُ: यहाँ "रूहुल अमीन" से अभिप्राय जिब्रील (अलैहिस्सलाम) हैं, जो वही (प्रकाशना) लाने वाले फ़रिश्ते हैं। उन्हें "अमीन" (विश्वसनीय) इसलिए कहा गया क्योंकि वे अल्लाह का संदेश बिना किसी कमी या मिलावट के पहुँचाने में पूर्ण रूप से विश्वसनीय हैं।
तफ़सीर:
यह आयत उस महान सत्य को स्पष्ट करती है कि यह क़ुरआन, जिसमें पिछली उम्मतों के सच्चे क़िस्से और भविष्य के बारे में जानकारियाँ हैं, किसी इंसान या शैतान की रचना नहीं, बल्कि यह सृष्टि के रचयिता और सारे मामलों के स्वामी अल्लाह की ओर से उतारा गया है। इसे लाने वाले जिब्रील (अलैहिस्सलाम) हैं, जो फ़रिश्तों में सबसे उच्च पद वाले और अल्लाह के संदेश के प्रति अत्यंत विश्वसनीय हैं। उन्होंने इस क़ुरआन को लाकर आप (ﷺ) के हृदय पर उतारा, ताकि आप इसे पूरी तरह सुरक्षित रखें, समझें और फिर इसे लोगों तक पहुँचाएँ। यह वही जिब्रील हैं जो पहले भी अल्लाह के नबियों पर वही लाते रहे, और अब इस अंतिम संदेश को लेकर आए हैं। इसका उद्देश्य यह है कि आप (ﷺ) सभी इंसानों और जिन्नों को अल्लाह की याद दिलाएँ और उसके अज़ाब से डराएँ। यह क़ुरआन स्पष्ट अरबी भाषा में उतारा गया है, ताकि लोग इसे आसानी से समझ सकें और अपने दीन और दुनिया के मामलों को इसके अनुसार सुधार सकें।
दावती पहलू:
यह आयत हमें यह विश्वास दिलाती है कि क़ुरआन कोई साधारण किताब नहीं, बल्कि अल्लाह का वह पवित्र संदेश है जिसे सबसे विश्वसनीय फ़रिश्ते ने सबसे पवित्र हृदय (नबी ﷺ) तक पहुँचाया। यह हमारे लिए कितनी बड़ी नेमत है कि हमारे पास ऐसी किताब है जो हर भ्रष्टाचार और मिलावट से सुरक्षित है। आज भी दुनिया की कोई भी किताब ऐसी नहीं जो अपने मूल रूप में इतनी सुरक्षित हो। यह हमें बताती है कि अगर हम इस क़ुरआन को पढ़ें, समझें और उस पर अमल करें, तो हमारी ज़िंदगी दुनिया और आख़िरत दोनों में सफल हो सकती है। अल्लाह ने इस किताब को हमारे लिए हिदायत का ज़रिया बनाया है, और जिब्रील जैसे महान फ़रिश्ते को इसके लिए चुना, ताकि हमें यक़ीन हो कि यह सच्चाई है। आइए, हम इस नेमत की क़द्र करें और इसे अपनी ज़िंदगी में उतारने की कोशिश करें।
📜 आयत 191-195 — सूरा अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 193
सूरा अश-शुआरा आयत 193 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिसे रुहुल अमीन (जिबरील) साफ़ अरबी ज़बान में लेकर तुम्हारे…सूरा आयत 193/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 191–195. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अश-शुआरा
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


