अश-शुआरा · 192/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
وَإِنَّهُ لَتَنزِيلُ رَبِّ الْعَالَمِينَ ۝١٩٢
Wa innahoo latanzeelu Rabbil `aalameen
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल) बेशक ये (क़ुरान) सारी ख़ुदायी के पालने वाले (ख़ुदा) का उतारा हुआ है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • تَنزِيلُ: उतारा हुआ, अवतरित किया हुआ।
  • رَبِّ الْعَالَمِينَ: सारे जहानों (संसारों) का पालनहार, सृष्टि के सभी प्राणियों का स्वामी और पालक।

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उस महान सत्य को स्पष्ट करती है जो इस्लाम की बुनियाद है—कि यह क़ुरआन किसी इंसान की रचना नहीं, बल्कि अल्लाह रब्बुल आलमीन का उतारा हुआ कलाम है। यह वही किताब है जिसमें पिछली उम्मतों के सच्चे क़िस्से, हिदायत के नियम और आख़िरत की ख़बरें मौजूद हैं। यह क़ुरआन उस ज़ात की तरफ़ से नाज़िल हुआ है जो सारे जहानों का मालिक है—आसमानों और ज़मीन का, इंसानों और जिन्नात का, चश्मों और दरख़्तों का, हर चीज़ का पालनहार।

जब हमें यक़ीन हो जाए कि यह कलाम रब्बुल आलमीन का है, तो फिर इसकी हर आयत हमारे लिए रहनुमा बन जाती है। यह किताब हमें उस रास्ते पर चलना सिखाती है जो हमारे दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई की तरफ़ ले जाता है। यह अकेली किताब है जो इंसान को उसके ख़ालिक़ से जोड़ती है, उसे ज़िन्दगी का मक़सद समझाती है, और उसे उस मंज़िल तक पहुँचाती है जहाँ सुकून और कामयाबी है।

प्यारे भाइयो और बहनो! यह आयत हमें बताती है कि क़ुरआन सिर्फ़ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि उस पर अमल करने के लिए उतारा गया है। जो शख्स इस किताब को पकड़ लेता है, अल्लाह उसे कभी गुमराह नहीं होने देता। यह किताब हर ज़माने, हर मुल्क और हर हालत में इंसान की रहनुमाई करती है। आओ, हम इस कलाम को सीखें, समझें और अपनी ज़िन्दगी में उतारें—ताकि हम उन लोगों में शामिल हों जिनके बारे में अल्लाह ने फ़रमाया कि वे कामयाब हैं। यह क़ुरआन हमारे लिए रहमत और शिफ़ा है, बशर्ते हम इसे दिल से अपनाएँ।



📜 आयत 190-194 — सूरा अश-शुआरा

190إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَآيَةً ۖ وَمَا كَانَ أَكْثَرُهُم مُّؤْمِنِينَ
इसमे भी शक नहीं कि इसमें (समझदारों के लिए) एक बड़ी इबरत है और उनमें के बहुतेरे ईमान लाने वाले ही न थे
191وَإِنَّ رَبَّكَ لَهُوَ الْعَزِيزُ الرَّحِيمُ
और बेशक तुम्हारा परवरदिगार यक़ीनन (सब पर) ग़ालिब (और) बड़ा मेहरबान है
192وَإِنَّهُ لَتَنزِيلُ رَبِّ الْعَالَمِينَ
और (ऐ रसूल) बेशक ये (क़ुरान) सारी ख़ुदायी के पालने वाले (ख़ुदा) का उतारा हुआ है
193نَزَلَ بِهِ الرُّوحُ الْأَمِينُ
जिसे रुहुल अमीन (जिबरील) साफ़ अरबी ज़बान में लेकर तुम्हारे दिल पर नाज़िल हुए है
194عَلَىٰ قَلْبِكَ لِتَكُونَ مِنَ الْمُنذِرِينَ
ताकि तुम भी और पैग़म्बरों की तरह
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
192आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 192

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Saturday, October 3, 2026

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