Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- उलुव्वन (ऊँचाई/बड़ाई): अर्थात अहंकार, घमंड और दूसरों पर superiority जताने की चाहत।
- फ़साद (बिगाड़): अर्थात ज़मीन पर बुराई, अत्याचार, और अव्यवस्था फैलाना।
- आख़िरत (आख़िरत का घर): यहाँ अर्थ जन्नत से है।
- अल-मुत्तक़ीन (परहेज़गार): वे लोग जो अल्लाह के आदेशों का पालन करें और उसकी मनाही से बचें।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में बताते हैं कि आख़िरत का वह घर — यानी जन्नत — जो हमेशा रहने वाला और हर नेमत से भरा हुआ है, हम उसे उन लोगों के लिए बनाएँगे जो ज़मीन पर बड़ाई और घमंड नहीं चाहते, और न ही वे फ़साद और बुराई फैलाना चाहते हैं। यानी जो लोग अपने आपको बड़ा समझकर हक़ (सच्चाई) को क़बूल करने से इनकार करते हैं और लोगों पर ज़ुल्म करते हैं, वे जन्नत के हक़दार नहीं।
इसके विपरीत, जो लोग अल्लाह के सामने झुकते हैं, अपने अंदर से अहंकार को निकाल देते हैं, और ज़मीन पर अल्लाह की इबादत और अच्छाई फैलाते हैं — उन्हीं के लिए यह आख़िरी और बेहतरीन अंजाम है। अच्छा अंजाम (जन्नत) उन्हीं मुत्तक़ियों के लिए है जो अल्लाह से डरते हैं, उसके हुक्मों पर चलते हैं और गुनाहों से बचते हैं।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि दुनिया में कामयाबी का पैमाना पैसा, ओहदा या ताक़त नहीं है, बल्कि अल्लाह की नज़र में वही इज़्ज़त वाला है जो अहंकार से पाक हो और अच्छाई का दामन थामे। अगर हम चाहते हैं कि आख़िरत में हमें सुकून और हमेशा की खुशियाँ मिलें, तो हमें अपने दिल से घमंड निकालना होगा और ज़मीन पर भलाई, इंसाफ़ और अल्लाह की इताअत का रास्ता अपनाना होगा। याद रखिए, अल्लाह उन्हीं को सच्ची इज़्ज़त देता है जो उसके लिए झुकते हैं। यही वादा है जो कभी टूटता नहीं — कि अच्छा अंजाम परहेज़गारों का ही है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी में इसी राह को अपनाएँ ताकि हम उस हमेशा रहने वाले घर के हक़दार बन सकें।
📜 आयत 81-85 — सूरा अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 83
सूरा अल-क़सस आयत 83 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ये आख़िरत का घर तो हम उन्हीं लोगों के लिए…सूरा आयत 83/88 — सूरा अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़सस सुनें, सूरा अल-क़सस अनुवाद, सूरा अल-क़सस mp3, सूरा अल-क़सस pdf. आयत 81–85. हिंदी अर्थ: اردو.
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Thursday, October 1, 2026
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