अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الرَّجْفَةُ: भयंकर भूकंप या ज़लज़ला।
- جَاثِمِينَ: घुटनों के बल गिरे हुए, मृत, बेजान होकर ज़मीन पर पड़े हुए।
तफ़सीर:
जब हज़रत शुऐब (अलैहिस्सलाम) ने अपनी क़ौम "मदयन" के लोगों को तौहीद का पैग़ाम दिया, उन्हें अल्लाह की इबादत की दावत दी और उन्हें उनके बुरे कामों—जैसे नाप-तौल में कमी करना, लोगों को रास्ते से रोकना और फ़साद फैलाना—से डराया, तो उन्होंने उन्हें झुठला दिया। उन्होंने न सिर्फ़ उनकी बात मानने से इनकार किया, बल्कि उनका मज़ाक़ उड़ाया और उन्हें धमकियाँ भी दीं।
अल्लाह तआला का अज़ाब उन पर इस तरह नाज़िल हुआ कि एक भयंकर भूकंप ने उन्हें अपनी लपेट में ले लिया। यह ज़लज़ला इतना सख़्त था कि उनकी ज़मीन उनके पैरों तले हिल गई, और वे अपने ही घरों में घुटनों के बल गिरकर मर गए। सुबह हुई तो वे सब के सब बेजान पड़े थे, उनके चेहरे ज़मीन पर लगे हुए थे, और उनमें कोई हरकत नहीं थी। उनका कोई बचाव न कर सका, और न ही उनकी दौलत या ताक़त उनके किसी काम आई।
यह वाक़िया हमारे लिए एक बड़ी सीख है। अल्लाह तआला की रसूलों को झुठलाने का अंजाम हमेशा तबाही होता है। जब कोई क़ौम हक़ को नकारती है और अपनी सरकशी पर अड़ी रहती है, तो अल्लाह का अज़ाब उन्हें उस वक़्त आ घेरता है जब उन्हें इसकी उम्मीद नहीं होती। यही वजह है कि हमें चाहिए कि हम अपने नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की लाई हुई हिदायत को क़बूल करें, उनकी सुन्नत पर अमल करें, और अल्लाह की नाफ़रमानी से बचें। अल्लाह बड़ा मेहरबान है, वह तौबा करने वालों को माफ़ कर देता है, लेकिन जब उसका अज़ाब आ जाता है, तो कोई उसे टाल नहीं सकता। हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में अल्लाह के हुक्मों को मानें, और उस रास्ते पर चलें जो हमें जन्नत तक पहुँचाए।
📜 आयत 35-39 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 37
सूरा अल-अंकबूत आयत 37 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तो उन लोगों ने शुऐब को झुठलाया पस ज़लज़ले (भूचाल)…सूरा आयत 37/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 35–39. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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