Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَدْيَنَ: मद्यन (एक क़बीले का नाम, जो हज़रत शुएब अलैहिस्सलाम की क़ौम थी)
- تَعْثَوْا: फ़साद फैलाना, ज़ुल्म और बिगाड़ पैदा करना (यह 'अस्य' से है, जिसका अर्थ है बिगाड़ना)
- مُفْسِدِينَ: फ़साद करने वाले, नुक़्सान पहुँचाने वाले
तफ़सीर:
और हमने मद्यन की ओर उनके भाई शुएब (अलैहिस्सलाम) को भेजा। उन्होंने अपनी क़ौम से कहा: "ऐ मेरी क़ौम! अल्लाह की इबादत करो और आख़िरत के दिन की उम्मीद रखो, और ज़मीन में फ़साद फैलाकर बिगाड़ मत पैदा करो।"
हज़रत शुएब अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को दो बुनियादी बातों की नसीहत दी:
- अल्लाह की इबादत: सिर्फ़ अल्लाह ही की इबादत करो, उसका कोई शरीक न बनाओ। इबादत को सिर्फ़ उसी के लिए ख़ालिस रखो, क्योंकि उसके सिवा कोई माबूद नहीं।
- आख़िरत की उम्मीद: अपनी इबादतों और अच्छे कामों से आख़िरत के दिन का अज्र और सवाब की उम्मीद रखो। यानी अपने आमाल को इस नीयत से करो कि उसका इनाम अल्लाह के यहाँ मिलेगा।
फिर उन्होंने उन्हें ज़मीन में फ़साद फैलाने से रोका। "फ़साद" का मतलब सिर्फ़ ज़मीन को तबाह करना नहीं है, बल्कि गुनाह, ज़ुल्म, नाप-तौल में कमी, रिश्वत, धोखा और हर वो काम जो समाज में बिगाड़ पैदा करे, वो फ़साद है। उन्होंने कहा कि जो काम तुम कर रहे हो, उस पर क़ायम न रहो, बल्कि अल्लाह की तरफ़ रुजू करो और तौबा करो।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि एक सच्चे दावत देने वाले का तरीक़ा यही होता है कि वह लोगों को पहले तौहीद (अल्लाह की एकता) की तरफ़ बुलाए, फिर उन्हें आख़िरत की याद दिलाए, और साथ ही उन्हें बुराइयों और फ़साद से रोके। यह तरीक़ा आज भी हर मुसलमान के लिए नमूना है। हमें भी अपने समाज में अच्छाई का हुक्म देना चाहिए और बुराई से रोकना चाहिए, और याद रखना चाहिए कि अल्लाह की इबादत और आख़िरत की उम्मीद ही वो चीज़ है जो इंसान को फ़साद से बचाती है और उसे सीधे रास्ते पर चलाती है। अल्लाह से डरने वाला इंसान कभी ज़मीन में फ़साद नहीं फैलाता, बल्कि वह इंसानियत के लिए रहमत बनता है।
📜 आयत 34-38 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 36
सूरा अल-अंकबूत आयत 36 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (हमने) मदियन के रहने वालों के पास उनके भाई…सूरा आयत 36/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 34–38. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंकबूत
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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