अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- وَاتَّقُوا: डरो, बचाव करो, अपने आप को सुरक्षित रखो।
- النَّارَ: आग, यहाँ अर्थ है जहन्नम की आग।
- أُعِدَّتْ: तैयार की गई है।
- لِلْكَافِرِينَ: काफिरों (इनकार करने वालों) के लिए।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने ईमानवाले बंदों को नसीहत करते हुए फरमाता है कि उस आग से डरो और अपने आप को उससे बचाओ, जो अल्लाह ने काफिरों के लिए तैयार की है। यानी ऐसे कामों से बचो जो तुम्हें उस आग तक ले जाएँ, और ऐसे अमल करो जो तुम्हें उससे दूर रखें। यह आग बहुत भयानक है, और अल्लाह ने इसे उन लोगों के लिए तैयार किया है जिन्होंने उसका इनकार किया और उसके हुक्मों को नहीं माना। यह आयत मोमिनों को सख्त तनबीह करती है कि अगर वे अल्लाह की आज्ञा का उल्लंघन करेंगे और उसकी नाफरमानी करेंगे, तो वे भी उसी आग के मुस्तहिक बन सकते हैं। यह कुरआन की सबसे डराने वाली आयतों में से एक है, क्योंकि इसमें मोमिनों को काफिरों की सज़ा से डराया गया है, अगर वे तक़वा (परहेज़गारी) न अपनाएँ।
फ़ायदे (सबक):
- अल्लाह की आग से डरना ईमान की निशानी है, और यह डर इंसान को गुनाहों से रोकता है।
- तक़वा (परहेज़गारी) ही वह ढाल है जो इंसान को जहन्नम की आग से बचाती है।
- यह आयत बताती है कि अल्लाह की रहमत के साथ-साथ उसका अज़ाब भी हक़ीक़त है, और मोमिन को हमेशा डर और उम्मीद के बीच रहना चाहिए।
- नेक अमल करना और गुनाहों से बचना ही वह रास्ता है जो इंसान को जहन्नम से जन्नत तक पहुँचाता है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह का डर इंसान को दुनिया में भी सुकून देता है, क्योंकि वह जानता है कि वह उस चीज़ से बच रहा है जो उसके लिए तबाही का सबब है।
📜 आयत 129-133 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 131
सूरा आल-इमरान आयत 131 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जहन्नुम की उस आग से डरो जो काफ़िरों के…सूरा आयत 131/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 129–133. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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