अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَوَلَّوْا: पीठ दिखाकर भाग गए, युद्ध से हट गए।
- الْتَقَى الْجَمْعَانِ: दो समूह आमने-सामने हुए (मुसलमान और मुशरिकीन)।
- اسْتَزَلَّهُمُ: उन्हें फिसला दिया, उनके क़दम डगमगा दिए।
- بِبَعْضِ مَا كَسَبُوا: उनके किए हुए कुछ गुनाहों की वजह से।
- عَفَا اللهُ: अल्लाह ने माफ़ कर दिया।
- حَلِيم: बहुत सहनशील, जल्दी सज़ा देने वाला नहीं।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! उन लोगों की तरफ़ देखो जिन्होंने उस दिन पीठ दिखाई जब दोनों फ़ौजें (मुसलमान और मुशरिकीन) उहुद के मैदान में आमने-सामने हुईं। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि ये लोग अपनी मर्ज़ी से मैदान से नहीं भागे, बल्कि शैतान ने उनके किए हुए कुछ गुनाहों की वजह से उन्हें फिसला दिया। यानी उनकी कुछ कमज़ोरियाँ और नाफ़रमानियाँ थीं, जिन्होंने शैतान को उन पर हावी होने का मौक़ा दिया। शैतान ने उनके दिलों में डर और बुरे ख़यालात डाले, यहाँ तक कि वे अपनी जगह छोड़कर भाग खड़े हुए।
लेकिन देखो अल्लाह की रहमत और करम! उसने उन पर सख़्ती नहीं की, बल्कि उन्हें माफ़ कर दिया। अल्लाह ने उनके इस क़ुसूर (कमी) को दरगुज़र फ़रमाया और उन्हें सज़ा नहीं दी। यह उसकी बड़ी मेहरबानी है। अल्लाह ग़ुफ़्फ़ार है—गुनाहों को माफ़ करने वाला, और हलीम है—बहुत सहनशील, वह जल्दी में नहीं है, उसे अपने बंदों की परवाह नहीं कि वे भाग जाएँ, वह उन्हें मौक़ा देता है, तौबा का दरवाज़ा खुला रखता है।
इस आयत से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। पहली बात: गुनाह इंसान को कमज़ोर कर देते हैं और शैतान को उस पर क़ाबू देते हैं। दूसरी बात: अल्लाह की रहमत इतनी वसी' (विस्तृत) है कि वह अपने बंदों के गुनाहों को माफ़ कर देता है, बशर्ते वे सच्चे दिल से तौबा करें। तीसरी बात: अल्लाह जल्दबाज़ी नहीं करता, वह अपने बंदों को मौक़ा देता है कि वे सुधर जाएँ। यह हमारे लिए बहुत बड़ी ख़ुशख़बरी है—चाहे हमसे कितनी ही भूलें हों, अल्लाह का दरवाज़ा बंद नहीं हुआ। बस हमें उसकी तरफ़ लौटना है, उससे माफ़ी माँगनी है, और उसकी रहमत से निराश नहीं होना है। अल्लाह हर हाल में अपने बंदों के साथ भलाई करने वाला है।
📜 आयत 153-157 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 155
सूरा आल-इमरान आयत 155 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक जिस दिन (जंगे औहद में) दो जमाअतें आपस में…सूरा आयत 155/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 153–157. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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