Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصَّابِرِينَ: धैर्य रखने वाले
- الصَّادِقِينَ: सत्य बोलने वाले
- الْقَانِتِينَ: आज्ञाकारी, विनम्रतापूर्वक इबादत करने वाले
- الْمُنفِقِينَ: खर्च करने वाले
- الْمُسْتَغْفِرِينَ: क्षमा माँगने वाले
- بِالْأَسْحَارِ: रात के अंतिम भाग में (सहरी का समय)
विस्तृत व्याख्या:
यह आयत उन ईमानवालों के गुणों का वर्णन करती है जो अल्लाह की दृष्टि में सच्चे और परहेज़गार हैं। ये वे लोग हैं जो धैर्य रखते हैं—धैर्य अल्लाह की आज्ञाओं का पालन करने में, बुरे कामों से बचने में, और जीवन की कठिनाइयों तथा दुख-दर्द पर। वे सत्यवादी हैं—अपनी बातों में, अपने वादों में, और अपने कर्मों में सच्चाई अपनाते हैं, चाहे वह छिपकर हो या खुलकर। वे आज्ञाकारी हैं—अल्लाह के सामने पूर्ण समर्पण और विनम्रता के साथ झुकते हैं, उसकी इबादत में कोई कमी नहीं रखते। वे खर्च करने वाले हैं—अपनी संपत्ति अल्लाह की राह में खर्च करते हैं, चाहे वह गुप्त रूप से हो या प्रकट रूप से, और इस खर्च में कंजूसी नहीं करते। और वे रात के अंतिम पहर में क्षमा माँगने वाले हैं—जब लोग गहरी नींद में होते हैं, वे उठकर अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी माँगते हैं, क्योंकि यह समय दुआ की स्वीकृति के लिए विशेष रूप से बेहतर होता है और दिल में कोई दुनियावी चिंता नहीं होती।
शिक्षाएँ और लाभ:
इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि सच्चा ईमान केवल ज़ुबान का दावा नहीं, बल्कि अमल का सबूत है। अल्लाह के प्यारे बंदे वे हैं जो मुश्किलों में धैर्य रखें, हर हाल में सच बोलें, अल्लाह के आगे झुकें, अपनी संपत्ति दूसरों की भलाई में लगाएँ, और रात के सन्नाटे में अल्लाह से माफ़ी माँगें। यह आयत हमें सिखाती है कि इबादत का सबसे उत्तम समय रात का आखिरी हिस्सा है, जब दिल साफ और दुनिया से अलग होता है। यह हमें यह भी बताती है कि इस्लाम केवल व्यक्तिगत इबादत तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के लिए खर्च करना और दूसरों की मदद करना भी ईमान का अभिन्न अंग है। ये गुण ही इंसान को अल्लाह के करीब लाते हैं और उसे जन्नत के हक़दार बनाते हैं।
📜 आयत 15-19 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 17
सूरा आल-इमरान आयत 17 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (यही लोग हैं) सब्र करने वाले और सच बोलने वाले…सूरा आयत 17/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 15–19. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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