अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اسْتَجَابُوا: आज्ञा मानी, पुकार पर लब्बैक कहा।
- الْقَرْحُ: घाव, चोटें (उहुद की लड़ाई में मिली चोटें)।
- أَحْسَنُوا: अच्छे कर्म किए, भलाई की।
- اتَّقَوْا: अल्लाह से डरे, उसके आदेशों का पालन किया और निषेधों से बचे।
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत उन महान सहाबा (रज़ियल्लाहु अन्हुम) के बारे में है, जिन्होंने उहुद की लड़ाई में घाव खाने और कठिनाइयों का सामना करने के बाद भी अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की पुकार पर तुरंत लब्बैक कहा। जब अबू सुफ़यान और उसका काफ़िला मक्का की ओर लौट रहा था, तो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने घायल सहाबा को दुश्मन का पीछा करने के लिए बुलाया। इन बहादुरों ने अपने घावों और दर्द की परवाह किए बिना, अपने ईमान और अल्लाह के रसूल के प्रति प्रेम के कारण, तुरंत तैयारी की और "हमरा अल-असद" नामक स्थान तक गए। उन्होंने कहा: "हमारे लिए अल्लाह काफी है और वह सबसे अच्छा कार्य-साधक है।"
अल्लाह तआला ने इस आयत में उनके इस अद्भुत कार्य की प्रशंसा की और उन्हें बड़ा प्रतिफल देने का वादा किया। यह प्रतिफल उन लोगों के लिए है जो भलाई करते हैं (अपने कर्मों में अच्छाई लाते हैं) और अल्लाह से डरते हैं (अपने जीवन में उसके आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मनाही से बचते हैं)। यह प्रतिफल जन्नत है, जो अल्लाह की ओर से सबसे बड़ा सम्मान और इनाम है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ईमान वही है जो मुश्किलों और परीक्षाओं में भी डटा रहे। जब हम अल्लाह और उसके रसूल की पुकार पर दौड़ते हैं, चाहे हमारी हालत कैसी भी हो, अल्लाह हमें कभी निराश नहीं करता। वह हमारे अच्छे कर्मों और तक़वा (अल्लाह का डर) का बदला ज़रूर देता है। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह के रास्ते में कष्ट उठाना कोई बेकार नहीं जाता, बल्कि यही हमारे लिए बड़ी भलाई का कारण बनता है। आज हमें भी इसी जज़्बे की ज़रूरत है—जब अल्लाह की ओर बुलाया जाए, तो हम अपनी कमज़ोरियों और मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ें, क्योंकि अल्लाह का वादा है कि उसका इनाम बहुत बड़ा और अज़ीम है।
📜 आयत 170-174 — आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 172
सूरा आल-इमरान आयत 172 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : निहाल हो रहे हैं (जंगे ओहद में) जिन लोगों ने…सूरा आयत 172/200 — आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: आल-इमरान सुनें, आल-इमरान अनुवाद, आल-इमरान mp3, आल-इमरान pdf. आयत 170–174. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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