आल-इमरान · 172/200
अनुवाद उच्चारण — आल-इमरान
الَّذِينَ اسْتَجَابُوا لِلَّهِ وَالرَّسُولِ مِن بَعْدِ مَا أَصَابَهُمُ الْقَرْحُ ۚ لِلَّذِينَ أَحْسَنُوا مِنْهُمْ وَاتَّقَوْا أَجْرٌ عَظِيمٌ ۝١٧٢
Allazeenas tajaaboo lil laahi war Rasooli mim ba`di maaa asaabahumulqarh; lillazeena ahsanoo minhum wattaqaw ajrun `azeem
📖 हिंदी अर्थ
निहाल हो रहे हैं (जंगे ओहद में) जिन लोगों ने जख्म खाने के बाद भी ख़ुदा और रसूल का कहना माना उनमें से जिन लोगों ने नेकी और परहेज़गारी की (सब के लिये नहीं सिर्फ) उनके लिये बड़ा सवाब है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • اسْتَجَابُوا: आज्ञा मानी, पुकार पर लब्बैक कहा।
  • الْقَرْحُ: घाव, चोटें (उहुद की लड़ाई में मिली चोटें)।
  • أَحْسَنُوا: अच्छे कर्म किए, भलाई की।
  • اتَّقَوْا: अल्लाह से डरे, उसके आदेशों का पालन किया और निषेधों से बचे।

तफसीर (व्याख्या):

यह आयत उन महान सहाबा (रज़ियल्लाहु अन्हुम) के बारे में है, जिन्होंने उहुद की लड़ाई में घाव खाने और कठिनाइयों का सामना करने के बाद भी अल्लाह और उसके रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की पुकार पर तुरंत लब्बैक कहा। जब अबू सुफ़यान और उसका काफ़िला मक्का की ओर लौट रहा था, तो नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) ने घायल सहाबा को दुश्मन का पीछा करने के लिए बुलाया। इन बहादुरों ने अपने घावों और दर्द की परवाह किए बिना, अपने ईमान और अल्लाह के रसूल के प्रति प्रेम के कारण, तुरंत तैयारी की और "हमरा अल-असद" नामक स्थान तक गए। उन्होंने कहा: "हमारे लिए अल्लाह काफी है और वह सबसे अच्छा कार्य-साधक है।"

अल्लाह तआला ने इस आयत में उनके इस अद्भुत कार्य की प्रशंसा की और उन्हें बड़ा प्रतिफल देने का वादा किया। यह प्रतिफल उन लोगों के लिए है जो भलाई करते हैं (अपने कर्मों में अच्छाई लाते हैं) और अल्लाह से डरते हैं (अपने जीवन में उसके आदेशों का पालन करते हैं और उसकी मनाही से बचते हैं)। यह प्रतिफल जन्नत है, जो अल्लाह की ओर से सबसे बड़ा सम्मान और इनाम है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चा ईमान वही है जो मुश्किलों और परीक्षाओं में भी डटा रहे। जब हम अल्लाह और उसके रसूल की पुकार पर दौड़ते हैं, चाहे हमारी हालत कैसी भी हो, अल्लाह हमें कभी निराश नहीं करता। वह हमारे अच्छे कर्मों और तक़वा (अल्लाह का डर) का बदला ज़रूर देता है। यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह के रास्ते में कष्ट उठाना कोई बेकार नहीं जाता, बल्कि यही हमारे लिए बड़ी भलाई का कारण बनता है। आज हमें भी इसी जज़्बे की ज़रूरत है—जब अल्लाह की ओर बुलाया जाए, तो हम अपनी कमज़ोरियों और मुश्किलों के बावजूद आगे बढ़ें, क्योंकि अल्लाह का वादा है कि उसका इनाम बहुत बड़ा और अज़ीम है।



📜 आयत 170-174 — आल-इमरान

170فَرِحِينَ بِمَا آتَاهُمُ اللَّهُ مِن فَضْلِهِ وَيَسْتَبْشِرُونَ بِالَّذِينَ لَمْ يَلْحَقُوا بِهِم مِّنْ خَلْفِهِمْ أَلَّا خَوْفٌ عَلَيْهِمْ وَلَا هُمْ يَحْزَنُونَ
और ख़ुदा ने जो फ़ज़ल व करम उन पर किया है उसकी (ख़ुशी) से फूले नहीं समाते और जो लोग उनसे पीछे रह गए और उनमें आकर शामिल नहीं हुए उनकी निस्बत ये (ख्याल करके) ख़ुशियॉ मनाते हैं कि (ये भी शहीद हों तो) उनपर न किसी क़िस्म का ख़ौफ़ होगा और न आज़ुर्दा ख़ातिर होंगे
171۞ يَسْتَبْشِرُونَ بِنِعْمَةٍ مِّنَ اللَّهِ وَفَضْلٍ وَأَنَّ اللَّهَ لَا يُضِيعُ أَجْرَ الْمُؤْمِنِينَ
ख़ुदा नेअमत और उसके फ़ज़ल (व करम) और इस बात की ख़ुशख़बरी पाकर कि ख़ुदा मोमिनीन के सवाब को बरबाद नहीं करता
172الَّذِينَ اسْتَجَابُوا لِلَّهِ وَالرَّسُولِ مِن بَعْدِ مَا أَصَابَهُمُ الْقَرْحُ ۚ لِلَّذِينَ أَحْسَنُوا مِنْهُمْ وَاتَّقَوْا أَجْرٌ عَظِيمٌ
निहाल हो रहे हैं (जंगे ओहद में) जिन लोगों ने जख्म खाने के बाद भी ख़ुदा और रसूल का कहना माना उनमें से जिन लोगों ने नेकी और परहेज़गारी की (सब के लिये नहीं सिर्फ) उनके लिये बड़ा सवाब है
173الَّذِينَ قَالَ لَهُمُ النَّاسُ إِنَّ النَّاسَ قَدْ جَمَعُوا لَكُمْ فَاخْشَوْهُمْ فَزَادَهُمْ إِيمَانًا وَقَالُوا حَسْبُنَا اللَّهُ وَنِعْمَ الْوَكِيلُ
यह वह हैं कि जब उनसे लोगों ने आकर कहना शुरू किया कि (दुशमन) लोगों ने तुम्हारे (मुक़ाबले के) वास्ते (बड़ा लश्कर) जमा किया है पस उनसे डरते (तो बजाए ख़ौफ़ के) उनका ईमान और ज्यादा हो गया और कहने लगे (होगा भी) ख़ुदा हमारे वास्ते काफ़ी है
174فَانقَلَبُوا بِنِعْمَةٍ مِّنَ اللَّهِ وَفَضْلٍ لَّمْ يَمْسَسْهُمْ سُوءٌ وَاتَّبَعُوا رِضْوَانَ اللَّهِ ۗ وَاللَّهُ ذُو فَضْلٍ عَظِيمٍ
और वह क्या अच्छा कारसाज़ है फिर (या तो हिम्मत करके गए मगर जब लड़ाई न हुई तो) ये लोग ख़ुदा की नेअमत और फ़ज़ल के साथ (अपने घर) वापस आए और उन्हें कोई बुराई छू भी नहीं गयी और ख़ुदा की ख़ुशनूदी के पाबन्द रहे और ख़ुदा बड़ा फ़ज़ल करने वाला है
आल-इमरानकुरान सूची
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अनुवाद — आल-इमरान 172

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Tuesday, August 18, 2026

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